Chapter 16

Sarga 16

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Verse 1
Sanskrit

तदन्तःपुरद्वारं समतीत्य जनाकुलम्। प्रविविक्तां ततः कक्ष्यामाससाद पुराणवित्।।2.16.1।। प्रासकार्मुकबिभ्रद्भिर्युवभिर्मृष्टकुण्डलैः। अप्रमादिभिरेकाग्रै स्स्वनुरक्तैरधिष्ठिताम्।।2.16.2।।

English

Sumantra, who was conversant with ancient traditions, passed through the entrance of the inner apartment full of people and reached the sparsely crowded courtyard. There alert, loyal young men were attentively guarding the frontyard, armed with spears and bows and wearing shining earrings.

Hindi

प्राचीन परम्पराओं के ज्ञाता सुमन्त्र लोगों से भरे अन्तःपुर के द्वार से होकर उस प्रांगण में पहुँचे जहाँ भीड़ कम थी। वहाँ सतर्क, निष्ठावान युवक सामने के प्रांगण की सावधानी से रक्षा कर रहे थे; वे भाले और धनुष धारण किए तथा चमकते कुण्डल पहने थे।

Nepali

प्राचीन परम्पराका ज्ञाता सुमन्त्र मानिसले भरिएको अन्तःपुरको ढोकाबाट त्यस प्राङ्गणमा पुगे जहाँ भीड कम थियो। त्यहाँ सतर्क, निष्ठावान युवकहरूले अगाडिको प्राङ्गणको सावधानीपूर्वक रक्षा गरिरहेका थिए; तिनीहरू भाला र धनु धारण गरेका तथा चम्किला कुण्डल लगाएका थिए।

Verse 2
Sanskrit

तदन्तःपुरद्वारं समतीत्य जनाकुलम्। प्रविविक्तां ततः कक्ष्यामाससाद पुराणवित्।।2.16.1।। प्रासकार्मुकबिभ्रद्भिर्युवभिर्मृष्टकुण्डलैः। अप्रमादिभिरेकाग्रै स्स्वनुरक्तैरधिष्ठिताम्।।2.16.2।।

English

Sumantra, who was conversant with ancient traditions, passed through the entrance of the inner apartment full of people and reached the sparsely crowded courtyard. There alert, loyal young men were attentively guarding the frontyard, armed with spears and bows and wearing shining earrings.

Hindi

प्राचीन परम्पराओं के ज्ञाता सुमन्त्र लोगों से भरे अन्तःपुर के द्वार से होकर उस प्रांगण में पहुँचे जहाँ भीड़ कम थी। वहाँ सतर्क, निष्ठावान युवक सामने के प्रांगण की सावधानी से रक्षा कर रहे थे; वे भाले और धनुष धारण किए तथा चमकते कुण्डल पहने थे।

Nepali

प्राचीन परम्पराका ज्ञाता सुमन्त्र मानिसले भरिएको अन्तःपुरको ढोकाबाट त्यस प्राङ्गणमा पुगे जहाँ भीड कम थियो। त्यहाँ सतर्क, निष्ठावान युवकहरूले अगाडिको प्राङ्गणको सावधानीपूर्वक रक्षा गरिरहेका थिए; तिनीहरू भाला र धनु धारण गरेका तथा चम्किला कुण्डल लगाएका थिए।

Verse 3
Sanskrit

तत्र काषायिणो वृद्धान् वेत्रपाणीन् स्वलङ्कृतान्। ददर्श विष्ठितान् द्वारि स्त्र्यध्यक्षान्सुसमाहितान्।।2.16.3।।

English

He saw aged people appointed as security staff for women's apartments. They were welladorned, dressed in orange robes and with rapt attention stood holding staff in their hands.

Hindi

उन्होंने स्त्रियों के कक्षों की रक्षा के लिए नियुक्त वृद्ध पुरुषों को देखा। वे भलीभाँति अलंकृत थे, नारंगी वस्त्र पहने थे और हाथों में दण्ड लिए पूर्ण सावधानी से खड़े थे।

Nepali

उनले स्त्रीहरूका कक्षको रक्षाका लागि नियुक्त वृद्ध पुरुषहरूलाई देखे। तिनीहरू राम्ररी अलङ्कृत थिए, सुन्तला रङका वस्त्र लगाएका थिए र हातमा दण्ड लिएर पूर्ण सावधानीले उभिएका थिए।

rama
Verse 4
Sanskrit

ते समीक्ष्य समायान्तं रामप्रियचिकीर्षवः। सहसोत्पतितास्सर्वे स्वासनेभ्यस्ससम्भ्रमाः।।2.16.4।।

English

On seeing (Sumantra) arriving, all of them, wellwishers to Rama, quickly rose from their seats.

Hindi

(सुमन्त्र को) आते देखकर राम के हितैषी वे सब शीघ्र अपने आसनों से उठ खड़े हुए।

Nepali

(सुमन्त्रलाई) आइरहेको देखेर रामका हितैषी ती सबै छिट्टै आ-आफ्ना आसनबाट उठे।

rama
Verse 5
Sanskrit

तानुवाच विनीतात्मा सूतपुत्रः प्रदक्षिणः। क्षिप्रमाख्यात रामाय सुमंन्त्रो द्वारि तिष्ठति।।2.16.5।।

English

. Humble and extremely courteous charioteer (to the guards) said, Inform Rama at once that Sumantra is waiting at the entrance.

Hindi

विनम्र और अत्यन्त शिष्ट सारथि ने (रक्षकों से) कहा, "राम को तत्काल सूचित करो कि सुमन्त्र द्वार पर प्रतीक्षा कर रहे हैं।"

Nepali

विनम्र र अत्यन्तै शिष्ट सारथिले (रक्षकहरूलाई) भने, "रामलाई तत्कालै सूचित गर कि सुमन्त्र ढोकामा प्रतीक्षा गरिरहेका छन्।"

rama sita
Verse 6
Sanskrit

ते राममुपसङ्गम्य भर्तुः प्रियचिकीर्षवः। सहभार्याय रामाय क्षिप्रमेवाभिचक्षिरे।।2.16.6।।

English

Always dedicated to the wellbeing of their master, they approached Rama who was in the company of Sita. And informed him:

Hindi

अपने स्वामी के कल्याण के प्रति सदा समर्पित उन्होंने सीता के संग बैठे राम के पास जाकर उन्हें सूचित किया।

Nepali

आफ्ना स्वामीको कल्याणप्रति सधैँ समर्पित उनीहरूले सीताको सङ्गतमा बसेका रामकहाँ गएर उनलाई सूचित गरे।

rama
Verse 7
Sanskrit

प्रतिवेदितमाज्ञाय सूतमभ्यन्तरं पितुः। तत्रैवानाययामास राघवप्रियकाम्यया।।2.16.7।।

English

Coming to know that Sumantra who is intimate to his father had arrived, Rama, in order to please him, commanded that he be escorted to that very place.

Hindi

यह जानकर कि उनके पिता के अन्तरंग सुमन्त्र आए हैं, राम ने उन्हें प्रसन्न करने के लिए आज्ञा दी कि उन्हें उसी स्थान पर ले आया जाए।

Nepali

आफ्ना पिताका अन्तरङ्ग सुमन्त्र आएका छन् भन्ने थाहा पाएर रामले उनलाई प्रसन्न पार्न आज्ञा दिए कि उनलाई त्यसै स्थानमा ल्याइयोस्।

rama sita
Verse 8
Sanskrit

तं वैश्रवणसङ्काशमुपविष्टं स्वलङ्कृतम्। ददर्श सूतः पर्य्यङ्के सौवर्णे सोत्तरच्छदे।।2.16.8।। वराहरुधिराभेण शुचिना च सुगन्धिना। अनुलिप्तं परार्ध्येन चन्दनेन परन्तपम्।।2.16.9।। स्थितया पार्श्वतश्चापि वालव्यजनहस्तया। उपेतं सीतयाभूयश्चित्रया शशिनं यथा।।2.16.10।।

English

Sumantra beheld Rama, who resembled Kubera. Rama was sitting on a richlycovered golden couch, welladorned and anointed with precious, pure, fragrant red sandalpaste the colour of which appeared like the blood of a hog. With Sita standing by his side with a fan of yak's tail in her hand Rama, the tormentor of foes, looked like the Moon united with (the star) Chitra.

Hindi

सुमन्त्र ने कुबेर के समान प्रतीत होते राम को देखा। राम बहुमूल्य आवरण से ढके स्वर्णासन पर बैठे थे, भलीभाँति अलंकृत थे और बहुमूल्य, शुद्ध, सुगन्धित रक्तचन्दन से लिप्त थे, जिसका वर्ण वराह के रक्त के समान प्रतीत होता था। हाथ में चँवर लिए सीता उनके पास खड़ी थीं और शत्रुतापन राम चित्रा नक्षत्र से युक्त चन्द्रमा के समान प्रतीत होते थे।

Nepali

सुमन्त्रले कुबेरसमान देखिने रामलाई देखे। राम बहुमूल्य आवरणले ढाकिएको स्वर्णासनमा बसेका थिए, राम्ररी अलङ्कृत थिए र बहुमूल्य, शुद्ध, सुगन्धित रक्तचन्दनले लिपिएका थिए, जसको वर्ण बँदेलको रगतसमान देखिन्थ्यो। हातमा चौँरी लिएकी सीता उनको छेउमा उभिएकी थिइन् र शत्रुतापन राम चित्रा नक्षत्रले युक्त चन्द्रमासमान देखिन्थे।

rama sita
Verse 9
Sanskrit

तं वैश्रवणसङ्काशमुपविष्टं स्वलङ्कृतम्। ददर्श सूतः पर्य्यङ्के सौवर्णे सोत्तरच्छदे।।2.16.8।। वराहरुधिराभेण शुचिना च सुगन्धिना। अनुलिप्तं परार्ध्येन चन्दनेन परन्तपम्।।2.16.9।। स्थितया पार्श्वतश्चापि वालव्यजनहस्तया। उपेतं सीतयाभूयश्चित्रया शशिनं यथा।।2.16.10।।

English

Sumantra beheld Rama, who resembled Kubera. Rama was sitting on a richlycovered golden couch, welladorned and anointed with precious, pure, fragrant red sandalpaste the colour of which appeared like the blood of a hog. With Sita standing by his side with a fan of yak's tail in her hand Rama, the tormentor of foes, looked like the Moon united with (the star) Chitra.

Hindi

सुमन्त्र ने कुबेर के समान प्रतीत होते राम को देखा। राम बहुमूल्य आवरण से ढके स्वर्णासन पर बैठे थे, भलीभाँति अलंकृत थे और बहुमूल्य, शुद्ध, सुगन्धित रक्तचन्दन से लिप्त थे, जिसका वर्ण वराह के रक्त के समान प्रतीत होता था। हाथ में चँवर लिए सीता उनके पास खड़ी थीं और शत्रुतापन राम चित्रा नक्षत्र से युक्त चन्द्रमा के समान प्रतीत होते थे।

Nepali

सुमन्त्रले कुबेरसमान देखिने रामलाई देखे। राम बहुमूल्य आवरणले ढाकिएको स्वर्णासनमा बसेका थिए, राम्ररी अलङ्कृत थिए र बहुमूल्य, शुद्ध, सुगन्धित रक्तचन्दनले लिपिएका थिए, जसको वर्ण बँदेलको रगतसमान देखिन्थ्यो। हातमा चौँरी लिएकी सीता उनको छेउमा उभिएकी थिइन् र शत्रुतापन राम चित्रा नक्षत्रले युक्त चन्द्रमासमान देखिन्थे।

rama sita
Verse 10
Sanskrit

तं वैश्रवणसङ्काशमुपविष्टं स्वलङ्कृतम्। ददर्श सूतः पर्य्यङ्के सौवर्णे सोत्तरच्छदे।।2.16.8।। वराहरुधिराभेण शुचिना च सुगन्धिना। अनुलिप्तं परार्ध्येन चन्दनेन परन्तपम्।।2.16.9।। स्थितया पार्श्वतश्चापि वालव्यजनहस्तया। उपेतं सीतयाभूयश्चित्रया शशिनं यथा।।2.16.10।।

English

Sumantra beheld Rama, who resembled Kubera. Rama was sitting on a richlycovered golden couch, welladorned and anointed with precious, pure, fragrant red sandalpaste the colour of which appeared like the blood of a hog. With Sita standing by his side with a fan of yak's tail in her hand Rama, the tormentor of foes, looked like the Moon united with (the star) Chitra.

Hindi

सुमन्त्र ने कुबेर के समान प्रतीत होते राम को देखा। राम बहुमूल्य आवरण से ढके स्वर्णासन पर बैठे थे, भलीभाँति अलंकृत थे और बहुमूल्य, शुद्ध, सुगन्धित रक्तचन्दन से लिप्त थे, जिसका वर्ण वराह के रक्त के समान प्रतीत होता था। हाथ में चँवर लिए सीता उनके पास खड़ी थीं और शत्रुतापन राम चित्रा नक्षत्र से युक्त चन्द्रमा के समान प्रतीत होते थे।

Nepali

सुमन्त्रले कुबेरसमान देखिने रामलाई देखे। राम बहुमूल्य आवरणले ढाकिएको स्वर्णासनमा बसेका थिए, राम्ररी अलङ्कृत थिए र बहुमूल्य, शुद्ध, सुगन्धित रक्तचन्दनले लिपिएका थिए, जसको वर्ण बँदेलको रगतसमान देखिन्थ्यो। हातमा चौँरी लिएकी सीता उनको छेउमा उभिएकी थिइन् र शत्रुतापन राम चित्रा नक्षत्रले युक्त चन्द्रमासमान देखिन्थे।

rama
Verse 11
Sanskrit

तं तपन्तमिवादित्यमुपपन्नं स्वतेजसा। ववन्दे वरदं वन्दी विनयज्ञो विनीतवत्।।2.16.11।।

English

Sumantra who knew the art of modesty, made humble, reverential salutation to Rama the granter of boons, shining like the Sun with his own effulgence.

Hindi

विनय की कला के ज्ञाता सुमन्त्र ने अपने ही तेज से सूर्य के समान देदीप्यमान वरदाता राम को विनम्रतापूर्वक श्रद्धायुक्त प्रणाम किया।

Nepali

विनयको कलाका ज्ञाता सुमन्त्रले आफ्नै तेजले सूर्यसमान देदीप्यमान वरदाता रामलाई विनम्रतापूर्वक श्रद्धायुक्त प्रणाम गरे।

rama dasharatha
Verse 12
Sanskrit

प्राञ्जलिस्सुमुखं दृष्ट्वा विहारशयनासने। राजपुत्रमुवाचेदं सुमन्त्रो राजसत्कृतः।।2.16.12।।

English

On seeing Rama of charming countenance relaxing on a couch, Sumantra, honourable to the king (Dasaratha) said these words with folded palms.

Hindi

आसन पर विश्राम करते मनोहर मुख वाले राम को देखकर राजा (दशरथ) के सम्माननीय सुमन्त्र ने हाथ जोड़कर ये वचन कहे:

Nepali

आसनमा विश्राम गरिरहेका मनोहर मुख भएका रामलाई देखेर राजा (दशरथ) का सम्माननीय सुमन्त्रले हात जोडेर यी वचन भने:

rama kaikeyi kausalya
Verse 13
Sanskrit

कौशल्यासुप्रजा राम पिता त्वां द्रष्टुमिच्छति। महिष्या सह कैकेय्या गम्यतां तत्र मा चिरम्।।2.16.13।।

English

O Rama, worthy son of Kausalya, your father along with queen Kaikeyi desires to see you.You may go there. Please do not delay.

Hindi

"हे कौसल्या के सुयोग्य पुत्र राम! आपके पिता रानी कैकेयी सहित आपसे मिलना चाहते हैं। आप वहाँ पधारिए। कृपया विलम्ब न कीजिए।"

Nepali

"हे कौसल्याका सुयोग्य पुत्र राम! तपाईंका पिता रानी कैकेयीसहित तपाईंलाई भेट्न चाहनुहुन्छ। तपाईं त्यहाँ पधार्नुहोस्। कृपया ढिलाइ नगर्नुहोस्।"

rama sita
Verse 14
Sanskrit

एवमुक्तस्तु संहृष्टो नरसिंहो महाद्युतिः। ततस्सम्मानयामास सीतामिदमुवाच ह।।2.16.14।।

English

Highly lustrous Rama ,the lion among men, when thus spoken to, was immensely pleased and extending due honour to him said to Sita:

Hindi

इस प्रकार कहे जाने पर परम तेजस्वी नरसिंह राम अत्यन्त प्रसन्न हुए और उनका यथोचित सम्मान करके सीता से बोले:

Nepali

यसरी भनिएपछि परम तेजस्वी नरसिंह राम अत्यन्तै प्रसन्न भए र उनको यथोचित सम्मान गरेर सीतालाई भने:

sita
Verse 15
Sanskrit

देवि देवश्च देवी च समागम्य मदन्तरे। मन्त्रयेते धृवं किञ्चिदभिषेचनसंहितम्।।2.16.15।।

English

O Sita, I am sure the king and queen are discussing something relating to my consecration.

Hindi

"हे सीते! मुझे विश्वास है कि राजा और रानी मेरे अभिषेक से सम्बन्धित किसी विषय पर चर्चा कर रहे हैं।

Nepali

"हे सीते! मलाई विश्वास छ कि राजा र रानी मेरो अभिषेकसँग सम्बन्धित कुनै विषयमा चर्चा गर्दै हुनुहुन्छ।

kaikeyi
Verse 16
Sanskrit

लक्षयित्वा ह्यभिप्रायं प्रियकामा सुदक्षिणा। सञ्चोदयति राजानं मदर्थमसितेक्षणा।।2.16.16।।

English

Darkeyed and highly favoured wellwisher of the king (Kaikeyi) is urging him for my sake in view of his intention.

Hindi

राजा की श्यामनयनी और परम प्रिय हितैषिणी (कैकेयी) उनके अभिप्राय को देखते हुए मेरे लिए उनसे आग्रह कर रही हैं।

Nepali

राजाकी श्यामनयनी र परम प्रिय हितैषिणी (कैकेयी) उनको अभिप्रायलाई हेर्दै मेरा लागि उनीसँग आग्रह गर्दै हुनुहुन्छ।

Verse 17
Sanskrit

सा प्रहृष्टा महाराजं हितकामानुवर्तिनी। जननी चार्थकामा मे केकयाधिपतेस्सुता।।2.16.17।।

English

My mother, daughter of the king of Kekaya, knows the king's intention and, heppy to do me good, seeks my wellbeing.

Hindi

केकयराज की पुत्री मेरी माता राजा का अभिप्राय जानती हैं और मेरा हित करने में प्रसन्न होकर मेरा कल्याण चाहती हैं।

Nepali

केकयराजकी पुत्री मेरी माताले राजाको अभिप्राय जान्नुहुन्छ र मेरो हित गर्नमा प्रसन्न भई मेरो कल्याण चाहनुहुन्छ।

Verse 18
Sanskrit

दिष्ट्या खलु महाराजो महिष्या प्रियया सह। सुमन्त्रं प्राहिणोद्दूतमर्थकामकरं मम।।2.16.18।।

English

It is our fortune that the king and his dear queen have sent Sumantra as messenger who is interested in my prosperity and pleasure.

Hindi

यह हमारा सौभाग्य है कि राजा और उनकी प्रिय रानी ने सुमन्त्र को दूत बनाकर भेजा है, जो मेरी समृद्धि और सुख में रुचि रखते हैं।

Nepali

यो हाम्रो सौभाग्य हो कि राजा र उहाँकी प्रिय रानीले सुमन्त्रलाई दूत बनाएर पठाउनुभएको छ, जो मेरो समृद्धि र सुखमा रुचि राख्नुहुन्छ।

Verse 19
Sanskrit

यादृशी परिषत्तत्र तादृशो दूत आगतः। ध्रुवमद्यैव मां राजा यौवराज्येऽभिषेक्ष्यति।।2.16.19।।

English

There worthy of the council of the king and the queen, a befitting messenger has come. Assuredly the king will consecrate me as heirapparent this very day.

Hindi

राजा और रानी की मन्त्रणा के योग्य एक उपयुक्त दूत आया है। निश्चय ही राजा आज ही मुझे युवराज के पद पर अभिषिक्त करेंगे।

Nepali

राजा र रानीको मन्त्रणायोग्य एक उपयुक्त दूत आएका छन्। निश्चय नै राजाले आजै मलाई युवराजको पदमा अभिषिक्त गर्नुहुनेछ।

Verse 20
Sanskrit

हन्त शीघ्रमितो गत्वा द्रक्ष्यामि च महीपतिम्। सह त्वं परिवारेण सुखमास्व रमस्व च।।2.16.20।।

English

I shall go from here immediately and see the king. Remain here happily and rejoice with your maids.

Hindi

मैं यहाँ से तत्काल जाकर राजा से मिलूँगा। तुम यहाँ सुखपूर्वक रहो और अपनी सखियों के साथ आनन्द करो।"

Nepali

म यहाँबाट तत्कालै गएर राजालाई भेट्नेछु। तिमी यहाँ सुखपूर्वक बस र आफ्ना सखीहरूसँग आनन्द गर।"

sita
Verse 21
Sanskrit

पतिसम्मानिता सीता भर्तारमसितेक्षणा। आद्वारमनुवव्राज मङ्गलान्यभिदध्युषी।।2.16.21।।

English

Reflecting over the auspicious event, the darkeyed Sita who is highly esteemed by her husband, followed him up to the entrance, (saying):

Hindi

उस मंगलमय घटना पर विचार करते हुए अपने पति द्वारा परम सम्मानित श्यामनयनी सीता उनके पीछे द्वार तक गईं और (बोलीं):

Nepali

त्यस मङ्गलमय घटनामा विचार गर्दै आफ्ना पतिद्वारा परम सम्मानित श्यामनयनी सीता उनको पछिपछि ढोकासम्म गइन् र (भनिन्):

Verse 22
Sanskrit

राज्यं द्विजातिभिर्जुष्टं राजसूयाभिषेचनम्। कर्तुमर्हति ते राजा वासवस्येव लोककृत्।।2.16.22।।

English

The king will bestow upon you, like the creator of the world (Brahma) bestowing on Indra, the kingdom served by brahmins who are fit to perform 'Rajasuya' sacrifice at the time of consecration.

Hindi

"जैसे लोकस्रष्टा (ब्रह्मा) ने इन्द्र को दिया था, वैसे ही राजा आपको अभिषेक के समय राजसूय यज्ञ करने के योग्य ब्राह्मणों से सेवित राज्य प्रदान करेंगे।

Nepali

"जसरी लोकस्रष्टा (ब्रह्मा) ले इन्द्रलाई दिनुभएको थियो, त्यसै गरी राजाले तपाईंलाई अभिषेकका बेला राजसूय यज्ञ गर्नयोग्य ब्राह्मणहरूले सेवित राज्य प्रदान गर्नुहुनेछ।

Verse 23
Sanskrit

दीक्षितं व्रतसम्पन्नं वराजिनधरं शुचिम्। कुरङ्गशृङ्गपाणिं च पश्यन्ती त्वां भजाम्यहम्।।2.16.23।।

English

I shall be delighted to see you initiated and engaged in the observance of the vow made pure, wearing excellent deerskin and carrying the horns of an antelope in your hand.

Hindi

मैं आपको दीक्षित और व्रतपालन में निरत, पवित्र, उत्तम मृगचर्म धारण किए तथा हाथ में मृगशृंग लिए देखकर हर्षित होऊँगी।

Nepali

म तपाईंलाई दीक्षित र व्रतपालनमा निरत, पवित्र, उत्तम मृगचर्म धारण गरेका तथा हातमा मृगशृङ्ग लिएका देखेर हर्षित हुनेछु।

Verse 24
Sanskrit

पूर्वां दिशं वज्रधरो दक्षिणां पातु ते यमः। वरुणः पश्चिमामाशां धनेशस्तूत्तरां दिशम्।।2.16.24।।

English

May Indra protect you on the east, Yama in the south, Varuna in the west and Kubera in the north.

Hindi

पूर्व में इन्द्र, दक्षिण में यम, पश्चिम में वरुण और उत्तर में कुबेर आपकी रक्षा करें।"

Nepali

पूर्वमा इन्द्र, दक्षिणमा यम, पश्चिममा वरुण र उत्तरमा कुबेरले तपाईंको रक्षा गरून्।"

rama sita
Verse 25
Sanskrit

अथ सीतामनुज्ञाप्य कृतकौतुकमङ्गलः। निश्चक्राम सुमन्त्रेण सह रामो निवेशनात्।।2.16.25।।

English

Adorned in auspicious ornaments, Rama took leave of Sita and departed from his palace accompanied by Sumantra.

Hindi

मंगलमय आभूषणों से अलंकृत राम सीता से विदा लेकर सुमन्त्र सहित अपने प्रासाद से प्रस्थान कर गए।

Nepali

मङ्गलमय आभूषणले अलङ्कृत राम सीतासँग विदा लिएर सुमन्त्रसहित आफ्नो प्रासादबाट प्रस्थान गरे।

rama lakshmana
Verse 26
Sanskrit

पर्वतादिव निष्क्रम्य सिंहो गिरिगुहाशयः। लक्ष्मणं द्वारिसोऽपश्यत्प्रह्वाञ्जलिपुटं स्थितम्।।2.16.26।।

English

Like a lion living in a mountain cave and coming out of it, Rama while exiting, saw Lakshmana at the entrance bowing with folded hands.

Hindi

पर्वत की गुफा में रहने वाले सिंह के उससे बाहर निकलने के समान बाहर निकलते हुए राम ने द्वार पर हाथ जोड़े झुके लक्ष्मण को देखा।

Nepali

पर्वतको गुफामा बस्ने सिंह त्यसबाट बाहिर निस्केझैँ बाहिर निस्कँदै गर्दा रामले ढोकामा हात जोडेर निहुरिएका लक्ष्मणलाई देखे।

rama
Verse 27
Sanskrit

अथ मध्यमकक्ष्यायां समागच्छत्सुहृज्जनैः। स सर्वानर्थिनो दृष्ट्वा समेत्य प्रतिनन्द्य च।।2.16.27।। ततः पावकसङ्काशमारुरोह रथोत्तमम्। वैयाघ्रं पुरुषव्याघ्रो राजतं राजनन्दनः।।2.16.28।।

English

Rama, the best among men, met all his friends in the middle courtyard. Having seen them all eager to see him, he approached and greeted them. Thereafter, he mounted the best silver chariot covered with tigerskin and glowing like fire.

Hindi

नरश्रेष्ठ राम मध्य प्रांगण में अपने सब मित्रों से मिले। उन सबको अपने दर्शन के लिए उत्सुक देखकर वे उनके पास गए और उनका अभिवादन किया। तत्पश्चात् वे व्याघ्रचर्म से आच्छादित और अग्नि के समान देदीप्यमान उस श्रेष्ठ रजतरथ पर आरूढ़ हुए।

Nepali

नरश्रेष्ठ राम मध्य प्राङ्गणमा आफ्ना सबै मित्रहरूलाई भेटे। ती सबैलाई आफ्नो दर्शनका लागि उत्सुक देखेर उनी उनीहरूको छेउमा गए र अभिवादन गरे। त्यसपछि उनी बाघको छालाले ढाकिएको र अग्निसमान देदीप्यमान त्यस श्रेष्ठ रजतरथमा आरूढ भए।

rama
Verse 28
Sanskrit

अथ मध्यमकक्ष्यायां समागच्छत्सुहृज्जनैः। स सर्वानर्थिनो दृष्ट्वा समेत्य प्रतिनन्द्य च।।2.16.27।। ततः पावकसङ्काशमारुरोह रथोत्तमम्। वैयाघ्रं पुरुषव्याघ्रो राजतं राजनन्दनः।।2.16.28।।

English

Rama, the best among men, met all his friends in the middle courtyard. Having seen them all eager to see him, he approached and greeted them. Thereafter, he mounted the best silver chariot covered with tigerskin and glowing like fire.

Hindi

नरश्रेष्ठ राम मध्य प्रांगण में अपने सब मित्रों से मिले। उन सबको अपने दर्शन के लिए उत्सुक देखकर वे उनके पास गए और उनका अभिवादन किया। तत्पश्चात् वे व्याघ्रचर्म से आच्छादित और अग्नि के समान देदीप्यमान उस श्रेष्ठ रजतरथ पर आरूढ़ हुए।

Nepali

नरश्रेष्ठ राम मध्य प्राङ्गणमा आफ्ना सबै मित्रहरूलाई भेटे। ती सबैलाई आफ्नो दर्शनका लागि उत्सुक देखेर उनी उनीहरूको छेउमा गए र अभिवादन गरे। त्यसपछि उनी बाघको छालाले ढाकिएको र अग्निसमान देदीप्यमान त्यस श्रेष्ठ रजतरथमा आरूढ भए।

rama
Verse 29
Sanskrit

मेघनादमसम्बाधं मणिहेमविभूषितम्। मुष्णन्तमिव चक्षूंषि प्रभया सूर्यवर्चसम्।।2.16.29।। करेणुशिशुकल्पैश्च युक्तं परमवाजिभिः। हरियुक्तं सहस्राक्षो रथमिन्द्र इवाशुगम्।।2.16.30।। प्रययौ तूर्णमास्थाय राघवो ज्वलितश्श्रिया।

English

The sound emanating from the chariot resembled the thunder. The spacious chariot was decorated with gold and gems which dazzled the eyes as though they shed the lustre of the Sun. The swiftmoving chariot was harnessed by excellent horses as if they were young elephants. Like the thousandeyed Indra, Rama, ablaze with royal splendour, mounted this chariot and sped away.

Hindi

उस रथ से निकलने वाली ध्वनि वज्रगर्जन के समान थी। वह विशाल रथ स्वर्ण और रत्नों से सजाया गया था जो नेत्रों को चौंधिया देते थे मानो सूर्य की कान्ति बिखेर रहे हों। वह शीघ्रगामी रथ ऐसे उत्तम अश्वों से जुता था मानो वे तरुण गजशावक हों। सहस्राक्ष इन्द्र के समान राजसी तेज से देदीप्यमान राम उस रथ पर आरूढ़ होकर तीव्र गति से चल पड़े।

Nepali

त्यस रथबाट निस्कने ध्वनि वज्रगर्जनसमान थियो। त्यो विशाल रथ सुन र रत्नले सजाइएको थियो जसले आँखा तिरमिराइदिन्थे मानौँ सूर्यको कान्ति छर्दै छन्। त्यो शीघ्रगामी रथ यस्ता उत्तम घोडाले जोतिएको थियो मानौँ ती तरुण हात्तीका बच्चा हुन्। सहस्राक्ष इन्द्रसमान राजसी तेजले देदीप्यमान राम त्यस रथमा आरूढ भई तीव्र गतिले हिँडे।

rama
Verse 30
Sanskrit

मेघनादमसम्बाधं मणिहेमविभूषितम्। मुष्णन्तमिव चक्षूंषि प्रभया सूर्यवर्चसम्।।2.16.29।। करेणुशिशुकल्पैश्च युक्तं परमवाजिभिः। हरियुक्तं सहस्राक्षो रथमिन्द्र इवाशुगम्।।2.16.30।। प्रययौ तूर्णमास्थाय राघवो ज्वलितश्श्रिया।

English

The sound emanating from the chariot resembled the thunder. The spacious chariot was decorated with gold and gems which dazzled the eyes as though they shed the lustre of the Sun. The swiftmoving chariot was harnessed by excellent horses as if they were young elephants. Like the thousandeyed Indra, Rama, ablaze with royal splendour, mounted this chariot and sped away.

Hindi

उस रथ से निकलने वाली ध्वनि वज्रगर्जन के समान थी। वह विशाल रथ स्वर्ण और रत्नों से सजाया गया था जो नेत्रों को चौंधिया देते थे मानो सूर्य की कान्ति बिखेर रहे हों। वह शीघ्रगामी रथ ऐसे उत्तम अश्वों से जुता था मानो वे तरुण गजशावक हों। सहस्राक्ष इन्द्र के समान राजसी तेज से देदीप्यमान राम उस रथ पर आरूढ़ होकर तीव्र गति से चल पड़े।

Nepali

त्यस रथबाट निस्कने ध्वनि वज्रगर्जनसमान थियो। त्यो विशाल रथ सुन र रत्नले सजाइएको थियो जसले आँखा तिरमिराइदिन्थे मानौँ सूर्यको कान्ति छर्दै छन्। त्यो शीघ्रगामी रथ यस्ता उत्तम घोडाले जोतिएको थियो मानौँ ती तरुण हात्तीका बच्चा हुन्। सहस्राक्ष इन्द्रसमान राजसी तेजले देदीप्यमान राम त्यस रथमा आरूढ भई तीव्र गतिले हिँडे।

rama
Verse 31
Sanskrit

स पर्जन्य इवाकाशे स्वनवानभिनादयन्।।2.16.31।। निकेतान्निर्ययौ श्रीमान्महाभ्रादिव चन्द्रमाः।

English

The magnificent chariot, rumbling like a stormcloud in the sky, emerged from (Rama's) residence like the Moon peeping through a huge cloud.

Hindi

आकाश में गरजते मेघ के समान गड़गड़ाता वह भव्य रथ (राम के) निवास से वैसे ही बाहर निकला जैसे विशाल मेघ में से चन्द्रमा झाँकता हो।

Nepali

आकाशमा गर्जने मेघसमान गड्गडाउने त्यो भव्य रथ (रामको) निवासबाट त्यसै गरी बाहिर निस्क्यो जसरी विशाल मेघबाट चन्द्रमाले चियाउँछ।

lakshmana
Verse 32
Sanskrit

छत्रचामरपाणिस्तु लक्ष्मणो राघवानुजः।।2.16.32।। जुगोप भ्रातरं भ्राता रथमास्थाय पृष्ठतः।

English

Holding an umbrella and a fan made of yak's tail in his hand Lakshmana boarded the chariot at the rear, guarding his brother.

Hindi

हाथ में छत्र और चँवर लिए लक्ष्मण अपने भ्राता की रक्षा करते हुए रथ पर पीछे की ओर आरूढ़ हुए।

Nepali

हातमा छत्र र चौँरी लिएका लक्ष्मण आफ्ना दाजुको रक्षा गर्दै रथमा पछाडिपट्टि आरूढ भए।

Verse 33
Sanskrit

ततो हलहलाशब्दस्तुमुलस्समजायत।।2.16.33।। तस्य निष्क्रममाणस्य जनौघस्य समन्ततः।

English

As it (the chariot) was passing out, a tumultuoas roar emanated from the multitude of people all around.

Hindi

जब वह (रथ) बाहर निकल रहा था, तब चारों ओर से जनसमूह से एक कोलाहलपूर्ण गर्जन उठा।

Nepali

जब त्यो (रथ) बाहिर निस्कँदै थियो, तब चारैतिरबाट जनसमूहबाट एउटा कोलाहलपूर्ण गर्जन उठ्यो।

rama
Verse 34
Sanskrit

ततो हयवरा मुख्या नागाश्च गिरिसन्निभाः।।2.16.34।। अनुजग्मुस्तदा रामं शतशोऽथ सहस्रशः।

English

Then the chief commanders riding the best of the horses and elephants, resembling hills in size, followed Rama in their hundreds and thousands.

Hindi

तब उत्तम अश्वों और पर्वतों के समान विशाल हाथियों पर आरूढ़ प्रमुख सेनापति सैकड़ों और सहस्रों की संख्या में राम के पीछे चले।

Nepali

तब उत्तम घोडा र पर्वतसमान विशाल हात्तीमा आरूढ प्रमुख सेनापतिहरू सयौँ र हजारौँको सङ्ख्यामा रामको पछि लागे।

rama
Verse 35
Sanskrit

अग्रतश्चास्य सन्नद्धाश्चन्दनागरुभूषिताः।।2.16.35।। खड्गचापधराश्शूरा जग्मुराशंसवो जनाः।

English

Soldiers, anointing their bodies with pastes of sandal and aloe wood, equipped with armour and holding swords and bows, went ahead heralding his (Rama's) arrival.

Hindi

चन्दन और अगुरु के लेप से शरीर लिपे, कवच धारण किए तथा खड्ग और धनुष लिए सैनिक उनके (राम के) आगमन की घोषणा करते हुए आगे-आगे चले।

Nepali

चन्दन र अगुरुको लेपले शरीर लिपेका, कवच धारण गरेका तथा खड्ग र धनु लिएका सैनिकहरू उनको (रामको) आगमनको घोषणा गर्दै अगाडि-अगाडि हिँडे।

Verse 36
Sanskrit

ततो वादित्रशब्दाश्च स्तुतिशब्दाश्च वन्दिनाम्।।2.16.36।। सिंहनादाश्च शूराणां तदा शुश्रुविरे पथि।

English

At that time, sounds of musical instruments and songs of eulogy by panegyrists, roarings of warriors were heard on the way.

Hindi

उस समय मार्ग में वाद्ययन्त्रों के स्वर, स्तुतिपाठकों के प्रशंसागान और योद्धाओं की गर्जनाएँ सुनाई दे रही थीं।

Nepali

त्यस बेला बाटोमा वाद्ययन्त्रका स्वर, स्तुतिपाठकहरूका प्रशंसागान र योद्धाहरूका गर्जन सुनिन्थे।

rama
Verse 37
Sanskrit

हर्म्यवातायनस्थाभिर्भूषिताभिस्समन्ततः।।2.16.37।। कीर्यमाण स्सुपुष्पौघैर्ययौ स्त्रीभिररिन्दमः।

English

Rama, the subduer of enemies, proceeded while the wellattired women standing at the windows of their mansions showered heaps of flowers on him from every side.

Hindi

शत्रुदमन राम आगे बढ़ते रहे और भलीभाँति सजी स्त्रियाँ अपने प्रासादों के गवाक्षों में खड़ी होकर चारों ओर से उन पर पुष्पों के ढेर बरसाती रहीं।

Nepali

शत्रुदमन राम अगाडि बढिरहे र राम्ररी सजिएका स्त्रीहरू आफ्ना प्रासादका झ्यालमा उभिएर चारैतिरबाट उनीमाथि पुष्पका थुप्रा बर्साइरहे।

rama
Verse 38
Sanskrit

रामं सर्वानवद्याङ्ग्यो रामपिप्रीषया ततः।।2.16.38।। वचोभिरग्य्रैर्हर्म्यस्था क्षितिस्थाश्च ववन्दिरे।

English

Women with faultless limbs standing on their housetops as well as on the ground paid their homage with charming words in order to propitiate Rama.

Hindi

निर्दोष अंगों वाली स्त्रियाँ अपने घरों की छतों पर तथा भूमि पर खड़ी होकर राम को प्रसन्न करने के लिए मनोहर वचनों से उनका अभिनन्दन करती रहीं।

Nepali

निर्दोष अङ्ग भएका स्त्रीहरू आफ्ना घरका छानामा तथा भुइँमा उभिएर रामलाई प्रसन्न पार्न मनोहर वचनले उनको अभिनन्दन गरिरहे।

rama kausalya
Verse 39
Sanskrit

नूनं नन्दति ते माता कौशल्यामातृनन्दन।।2.16.39।। पश्यन्ती सिद्धयात्रं त्वां पित्र्यं राज्यमवस्थितम्।

English

O Joy of your mother (Rama) on seeing you having successfully acomplished the purpose of your journey (life) by securing your father's kingdom, your mother Kausalya will surely be delighted.

Hindi

"हे माता के आनन्दस्वरूप (राम)! अपने पिता का राज्य प्राप्त करके अपनी यात्रा (जीवन) का प्रयोजन सफलतापूर्वक सिद्ध करते आपको देखकर आपकी माता कौसल्या निश्चय ही हर्षित होंगी।"

Nepali

"हे माताका आनन्दस्वरूप (राम)! आफ्ना पिताको राज्य प्राप्त गरेर आफ्नो यात्रा (जीवन) को प्रयोजन सफलतापूर्वक सिद्ध गर्दै गरेको तपाईंलाई देखेर तपाईंकी माता कौसल्या निश्चय नै हर्षित हुनुहुनेछ।"

rama sita
Verse 40
Sanskrit

सर्वसीमन्तिनीभ्यश्च सीतां सीमन्तिनी वराम्।।2.16.40।। अमन्यन्त हि ता नार्यो रामस्य हृदयप्रियाम्।

English

Those women considered Sita who was dear to the heart of Rama the best among all women.

Hindi

उन स्त्रियों ने राम के हृदय को प्रिय सीता को समस्त स्त्रियों में श्रेष्ठ माना।

Nepali

ती स्त्रीहरूले रामको हृदयलाई प्रिय सीतालाई सम्पूर्ण स्त्रीमध्ये श्रेष्ठ माने।

rama sita
Verse 41
Sanskrit

तया सुचरितं देव्या पुरा नूनं महत्तपः।।2.16.41।। रोहिणीव शशाङ्केन रामसंयोगमाप या।

English

Sita was united with Rama like Rohini with the Moon surely because of her great austerities performed in the past. (They observed).

Hindi

"सीता का राम से मिलन निश्चय ही उनके पूर्वकाल में किए गए महान तप के कारण हुआ, जैसे रोहिणी का चन्द्रमा से" (उन्होंने कहा)।

Nepali

"सीताको रामसँगको मिलन निश्चय नै उनले पूर्वकालमा गरेको महान् तपका कारण भयो, जसरी रोहिणीको चन्द्रमासँग" (उनीहरूले भने)।

rama
Verse 42
Sanskrit

इति प्रासादशृङ्गेषु प्रमदाभिर्नरोत्तमः।।2.16.42।। शुश्राव राजमार्गस्थः प्रिया वाच उदाहृताः। आत्मसंपूजनै शृण्वन् ययौ रामौ महापथम्।।2.16.43।।

English

Rama, the best among men, while riding along the highway overheard the pleasing words uttered by women standing on the elevation of their buildings. Thus hearing his own praise Rama proceeded along the highway.

Hindi

नरश्रेष्ठ राम ने राजमार्ग पर चलते हुए अपने भवनों की ऊँचाइयों पर खड़ी स्त्रियों द्वारा कहे गए वे प्रिय वचन सुने। इस प्रकार अपनी ही प्रशंसा सुनते हुए राम राजमार्ग पर आगे बढ़ते रहे।

Nepali

नरश्रेष्ठ रामले राजमार्गमा हिँड्दै गर्दा आफ्ना भवनका उचाइमा उभिएका स्त्रीहरूले भनेका ती प्रिय वचन सुने। यसरी आफ्नै प्रशंसा सुन्दै राम राजमार्गमा अगाडि बढिरहे।

rama
Verse 43
Sanskrit

इति प्रासादशृङ्गेषु प्रमदाभिर्नरोत्तमः।।2.16.42।। शुश्राव राजमार्गस्थः प्रिया वाच उदाहृताः। आत्मसंपूजनै शृण्वन् ययौ रामौ महापथम्।।2.16.43।।

English

Rama, the best among men, while riding along the highway overheard the pleasing words uttered by women standing on the elevation of their buildings. Thus hearing his own praise Rama proceeded along the highway.

Hindi

नरश्रेष्ठ राम ने राजमार्ग पर चलते हुए अपने भवनों की ऊँचाइयों पर खड़ी स्त्रियों द्वारा कहे गए वे प्रिय वचन सुने। इस प्रकार अपनी ही प्रशंसा सुनते हुए राम राजमार्ग पर आगे बढ़ते रहे।

Nepali

नरश्रेष्ठ रामले राजमार्गमा हिँड्दै गर्दा आफ्ना भवनका उचाइमा उभिएका स्त्रीहरूले भनेका ती प्रिय वचन सुने। यसरी आफ्नै प्रशंसा सुन्दै राम राजमार्गमा अगाडि बढिरहे।

rama
Verse 44
Sanskrit

स राघवस्तत्र कथाप्रपञ्चान् शुश्राव लोकस्य समागतस्य। आत्माधिकारा विविधाश्च वाचः प्रहृष्टरूपस्य पुरो जनस्य।।2.16.44।।

English

Rama heard these various words of admiration by people who had assembled there, and (witnessed) the rejoicings of the citizens.

Hindi

राम ने वहाँ एकत्र लोगों द्वारा कहे गए ये विविध प्रशंसावचन सुने और नागरिकों का हर्षोल्लास (देखा)।

Nepali

रामले त्यहाँ भेला भएका मानिसहरूले भनेका यी विविध प्रशंसावचन सुने र नागरिकहरूको हर्षोल्लास (देखे)।

rama
Verse 45
Sanskrit

एष श्रियं गच्छति राघवोऽद्य राजप्रसादाद्विपुलां गमिष्यन्। एते वयं सर्व समृद्धकामा येषामयं नो भविता प्रशास्ता।।2.16.45।।

English

This scion of the Raghus (Rama) is going to acquire the earth and the wealth today by the king's grace. He will be our protector and fulfil all our desires.

Hindi

"ये रघुवंशी (राम) आज राजा की कृपा से पृथ्वी और वैभव प्राप्त करने जा रहे हैं। वे हमारे रक्षक होंगे और हमारी समस्त कामनाएँ पूर्ण करेंगे।

Nepali

"यी रघुवंशी (राम) आज राजाको कृपाले पृथ्वी र वैभव प्राप्त गर्न लाग्नुभएको छ। उहाँ हाम्रो रक्षक हुनुहुनेछ र हाम्रा सम्पूर्ण कामना पूरा गर्नुहुनेछ।

rama
Verse 46
Sanskrit

लाभो जनस्यास्य यदेष सर्वं प्रपत्स्यते राष्ट्रमिदं चिराय। न ह्यप्रियं किञ्चन जातु कश्चि त्पश्येन्न दुःखं मनुजाधिपेऽस्मिन्।।2.16.46।।

English

If this Rama obtains the entire kingdom for a long time, it will be in the interest of the people. If he becomes king none will ever witness anything unpleasant or sad. (They observed).

Hindi

यदि ये राम दीर्घकाल तक सम्पूर्ण राज्य प्राप्त कर लें, तो यह प्रजा के हित में होगा। यदि वे राजा बन जाएँ तो कोई कभी कुछ भी अप्रिय अथवा दुःखद नहीं देखेगा" (उन्होंने कहा)।

Nepali

यदि यी रामले दीर्घकालसम्म सम्पूर्ण राज्य प्राप्त गरून् भने, यो प्रजाको हितमा हुनेछ। यदि उहाँ राजा बन्नुभयो भने कसैले कहिल्यै केही पनि अप्रिय वा दुःखद देख्नेछैन" (उनीहरूले भने)।

rama
Verse 47
Sanskrit

स घोषवद्भिश्च मतङ्गाजैर्ययैः पुरस्सरै स्स्वस्तिकसूतमागधैः। महीयमानः प्रवरैश्च वादकै रभिष्टुतो वैश्रवणो यथा ययौ।।2.16.47।।

English

With bards, panegyrists and great musical performers invoking blessings and walking ahead, he (Rama) proceeded, like Kubera amid intoxicated elephants and horses.

Hindi

आशीर्वाद देते हुए आगे-आगे चलते वन्दीजनों, स्तुतिपाठकों और महान वादकों के साथ वे (राम) मतवाले हाथियों और अश्वों के बीच कुबेर के समान आगे बढ़ते रहे।

Nepali

आशीर्वाद दिँदै अगाडि-अगाडि हिँड्ने वन्दीजन, स्तुतिपाठक र महान् वादकहरूसँगै उनी (राम) मातेका हात्ती र घोडाहरूका बीच कुबेरसमान अगाडि बढिरहे।