एवमुक्तस्तु हनुमान् राघवेण महात्मना। सीताया भाषितं सर्वं न्यवेदयत राघवे।।5.67.1।।
Thus asked by Sri Rama, Hanuman repeated everything spoken by Sita to Rama.
श्रीराम के इस प्रकार पूछने पर हनुमान् ने सीता द्वारा कहा गया सब कुछ राम को दोहराकर सुनाया।
श्रीरामले यसरी सोध्नुभएपछि हनुमान्ले सीताले भन्नुभएको सबै कुरा रामलाई दोहोर्याएर सुनाए।