Chapter 30

Sarga 30

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rama
Verse 1
Sanskrit

भित्त्वा तु तां गदां बाणै राघवो धर्मवत्सलः। स्मयमानः खरं वाक्यं संरब्धमिदमब्रवीत्।।3.30.1।।

English

Rama, fond of dharma, broke into pieces Khara's mace with his arrows, and smiling at bewildered Khara, said:

Hindi

धर्मप्रिय राम ने अपने बाणों से खर की गदा खण्ड-खण्ड कर दी और विस्मित खर को देखकर मुस्कराते हुए कहा:

Nepali

धर्मप्रिय रामले आफ्ना बाणले खरको गदा टुक्रा-टुक्रा पारिदिए र विस्मित खरलाई हेरेर मुस्कुराउँदै भने:

Verse 2
Sanskrit

एतत्ते बलसर्वस्वं दर्शितं राक्षसाधम। शक्तिहीनतरो मत्तो वृथा त्वमवगर्जसि।।3.30.2।।

English

O lowly demon, you have already exhibited all your strength. Inferior to me in energy, you are needlessly roaring.

Hindi

अरे नीच राक्षस! तूने अपना सारा बल दिखा लिया। तेज में मुझसे हीन होकर भी तू व्यर्थ ही गरज रहा है।

Nepali

अरे नीच राक्षस! तैँले आफ्नो सारा बल देखाइसकिस्। तेजमा मभन्दा हीन भएर पनि तँ व्यर्थै गर्जिरहेको छस्।

Verse 3
Sanskrit

एषा बाणविनिर्भिन्ना गदा भूमितलं गता। अभिधानप्रगल्भस्य तव प्रत्ययघातिनी।।3.30.3।।

English

The mace about which you boasted so much has betrayed your confidence. Shattered by my arrows it now lies on the ground.

Hindi

जिस गदा पर तूने इतना अभिमान किया, उसने तेरा विश्वास तोड़ दिया। मेरे बाणों से चूर होकर वह अब भूमि पर पड़ी है।

Nepali

जुन गदामा तैँले यति अभिमान गरिस्, त्यसले तेरो विश्वास तोडिदियो। मेरा बाणले चूर भई त्यो अब भुइँमा पल्टिएको छ।

Verse 4
Sanskrit

यत्त्वयोक्तं विनष्टानामहमश्रुप्रमार्जनम्। राक्षसानां करोमीति मिथ्या तदपि ते वचः।।3.30.4।।

English

You said you will wipe the tears of the dead demons. (Now) those words have proved false.

Hindi

तूने कहा था कि तू मरे हुए राक्षसों के आँसू पोंछेगा। (अब) वे वचन मिथ्या सिद्ध हुए।

Nepali

तैँले भनेको थिइस् कि तँ मरेका राक्षसका आँसु पुछ्नेछस्। (अब) ती वचन मिथ्या सिद्ध भए।

Verse 5
Sanskrit

नीचस्य क्षुद्रशीलस्य मिथ्यावृत्तस्य रक्षसः। प्राणानहं हरिष्यामि गरुत्मानमृतं यथा।।3.30.5।।

English

You are mean. You have false pride. You are of low behaviour. I shall take away your life, O demon,, Just as Garuda carried off the nectar.

Hindi

तू नीच है। तेरा अभिमान मिथ्या है। तेरा आचरण अधम है। हे राक्षस! मैं तेरे प्राण उसी प्रकार हर लूँगा जैसे गरुड़ अमृत ले गए थे।

Nepali

तँ नीच छस्। तेरो अभिमान मिथ्या छ। तेरो आचरण अधम छ। हे राक्षस! म तेरो प्राण त्यसै गरी हरण गर्नेछु जसरी गरुडले अमृत लगेका थिए।

Verse 6
Sanskrit

अद्य ते छिन्नकण्ठस्य फेनबुद्बुदभूषितम्। विदारितस्य मद्बाणैर्मही पास्यति शोणितम्।।3.30.6।।

English

Now with your throat split open by my arrows , the earth will drink your foamy blood full of bubbles.

Hindi

अब मेरे बाणों से तेरा कण्ठ चीरे जाने पर पृथ्वी तेरा बुलबुलों से भरा फेनयुक्त रक्त पिएगी।

Nepali

अब मेरा बाणले तेरो घाँटी चिरिएपछि पृथ्वीले तेरो बुलबुलेले भरिएको फिँजयुक्त रगत पिउनेछे।

Verse 7
Sanskrit

पांसुरूषितसर्वाङ्गस्स्रस्तन्यस्त भुजद्वयः। स्वप्स्यसे गां समालिङ्ग्य दुर्लभां प्रमदामिव।।3.30.7।।

English

With all your limbs covered with dust, both the arms dropped down and stretched out on the ground, you will sleep as though hugging the earth, like embracing a rare woman.

Hindi

अपने समस्त अंग धूल से ढके, दोनों भुजाएँ गिरी और फैली हुई, तू भूमि पर इस प्रकार सोएगा मानो पृथ्वी का आलिंगन कर रहा हो, जैसे किसी दुर्लभ स्त्री को गले लगाया हो।

Nepali

आफ्ना समस्त अङ्ग धूलोले ढाकिएका, दुवै पाखुरा खसेका र फैलिएका, तँ भुइँमा यसरी सुत्नेछस् मानौँ पृथ्वीलाई अङ्गालो हालिरहेको छस्, जस्तै कुनै दुर्लभ स्त्रीलाई अङ्गालो हालेको होस्।

Verse 8
Sanskrit

प्रबद्धनिद्रे शयिते त्वयि राक्षसपांसने। भविष्यन्तिशरण्यानां शरण्या दण्डका इमे।।3.30.8।।

English

When you, O vile demon, will go into eternal sleep the Dandaka grounds will provide shelter to those who deserve it here.

Hindi

हे नीच राक्षस! जब तू चिरनिद्रा में चला जाएगा, तब दण्डक की भूमि उन्हें आश्रय देगी जो यहाँ इसके योग्य हैं।

Nepali

हे नीच राक्षस! जब तँ चिरनिद्रामा जानेछस्, तब दण्डकको भूमिले तिनलाई आश्रय दिनेछे जो यहाँ त्यसयोग्य छन्।

Verse 9
Sanskrit

जनस्थाने हतस्थाने तव राक्षस मच्छरैः। निर्भया विचरिष्यन्ति सर्वतो मुनयो वने।।3.30.9।।

English

O demon, when my arrows destroy your hold over Janasthana the sages will move freely without fear all over this forest.

Hindi

हे राक्षस! जब मेरे बाण जनस्थान पर तेरा अधिकार नष्ट कर देंगे, तब मुनिगण इस समस्त वन में निर्भय होकर विचरण करेंगे।

Nepali

हे राक्षस! जब मेरा बाणले जनस्थानमाथिको तेरो अधिकार नष्ट गर्नेछन्, तब मुनिहरू यस समस्त वनमा निर्भय भई विचरण गर्नेछन्।

Verse 10
Sanskrit

अद्य विप्रसरिष्यन्ति राक्षस्यो हतबान्धवाः। बाष्पार्द्रवदना दीना भयादन्यभयावहाः।।3.30.10।।

English

Having lost all their relations, the demonesses, who were causing fear to others,will move away with faces full of tears.

Hindi

अपने समस्त स्वजनों को खोकर वे राक्षसियाँ, जो दूसरों में भय उत्पन्न करती थीं, आँसुओं से भरे मुख लिए चली जाएँगी।

Nepali

आफ्ना समस्त नातेदार गुमाएर ती राक्षसीहरू, जसले अरूमा भय उत्पन्न गर्थे, आँसुले भरिएका मुख लिएर जानेछन्।

Verse 11
Sanskrit

अद्य शोकरसज्ञास्ता भविष्यन्ति निरर्थकाः। अनुरूपकुलाः पत्न्यो यासां त्वं पतिरीदृशः।।3.30.11।।

English

Your wives, who have got a husband like you, must have been born to a befitting race. They will taste the pangs of sorrow today, for no reasons whatsoever.

Hindi

तेरी पत्नियाँ, जिन्हें तुझ जैसा पति मिला, अवश्य ही तेरे अनुरूप कुल में उत्पन्न हुई होंगी। वे आज बिना किसी कारण के ही शोक की पीड़ा चखेंगी।

Nepali

तेरी पत्नीहरू, जसले तँजस्तो पति पाए, अवश्य नै तेरो अनुरूप कुलमा जन्मेका होलान्। तिनले आज कुनै कारणविनै शोकको पीडा चाख्नेछन्।

Verse 12
Sanskrit

नृशंस नीच क्षुद्रात्मन्नित्यं ब्राह्मणकण्टक। यत्कृते शङ्कितैरग्नौ मुनिभिः पात्यते हविः।।3.30.12।।

English

O cruel, mean, vile fellow, you had been always opposing the brahmins who pour oblations in fire under fear.

Hindi

हे क्रूर, नीच, अधम! तू सदा उन ब्राह्मणों का विरोध करता रहा जो भय के कारण अग्नि में आहुतियाँ देते हैं।

Nepali

हे क्रूर, नीच, अधम! तँ सदा ती ब्राह्मणहरूको विरोध गर्दै आइस् जो भयका कारण अग्निमा आहुति दिन्छन्।

rama
Verse 13
Sanskrit

तमेवमभिसंरब्धं ब्रुवाणं राघवं रणे। खरो निर्भर्त्सयामास रोषात्खरतरस्वरः।।3.30.13।।

English

When Rama was thus speaking in a state of excitement in the middle of war, the choleric Khara started abusing him in a harsher tone.

Hindi

जब राम युद्ध के मध्य उत्तेजना की अवस्था में इस प्रकार बोल रहे थे, तब क्रोधी खर उन्हें और भी कठोर स्वर में गाली देने लगा।

Nepali

जब राम युद्धको बीचमा उत्तेजनाको अवस्थामा यसरी बोलिरहेका थिए, तब क्रोधी खरले उनलाई अझ कठोर स्वरमा गाली दिन थाल्यो।

Verse 14
Sanskrit

दृढं खल्ववलिप्तोऽसि भयेष्वपि च निर्भयः। वाच्यावाच्यं ततो हि त्वं मृत्युवश्यो न बुध्यसे।।3.30.14।।

English

You are very haughty. When there is every cause of fear you pretend fearlessness. Being in the grip of death you do not know what to speak and what not to speak.

Hindi

तू अत्यन्त अभिमानी है। जब भय का पूरा कारण है, तब तू निर्भयता का ढोंग करता है। मृत्यु की पकड़ में होकर तू नहीं जानता कि क्या कहना चाहिए और क्या नहीं।

Nepali

तँ अत्यन्तै अभिमानी छस्। जब भयको पूरा कारण छ, तब तँ निर्भयताको ढोंग गर्छस्। मृत्युको समातिमा भएर तँ जान्दैनस् कि के भन्नुपर्छ र के भन्नुहुँदैन।

Verse 15
Sanskrit

कालपाशपरिक्षिप्ता भवन्ति पुरुषा हि ये। कार्याकार्यं न जानन्ति ते निरस्तषडिन्द्रियाः।।3.30.15।।

English

Those bound by the noose of death, do not know what to and what not to do, as their six senses cease to function.

Hindi

जो मृत्यु के पाश में बँधे हैं, वे नहीं जानते कि क्या करना चाहिए और क्या नहीं, क्योंकि उनकी छहों इन्द्रियाँ काम करना बन्द कर देती हैं।

Nepali

जो मृत्युको पासोमा बाँधिएका छन्, तिनले जान्दैनन् कि के गर्नुपर्छ र के गर्नुहुँदैन, किनभने तिनका छवटै इन्द्रिय काम गर्न छोड्छन्।

rama
Verse 16
Sanskrit

एवमुक्त्वा ततो रामं संरुध्य भ्रुकुटीं ततः। स ददर्श महासालमविदूरे निशाचरः।।3.30.16।। रणे प्रहरणस्यार्थे सर्वतो ह्यवलोकयन्।

English

Having said thus to Rama with a frown on his face, Khara, looking around for something to strike him with, saw a huge sal tree not very far.

Hindi

मुख पर भौंहें सिकोड़े राम से यह कहकर खर ने प्रहार करने के लिए कुछ ढूँढ़ते हुए चारों ओर देखा और अधिक दूर नहीं एक विशाल साल वृक्ष देखा।

Nepali

मुखमा आँखीभौँ खुम्च्याएर रामलाई यो भनेपछि खरले प्रहार गर्न केही खोज्दै चारैतिर हेर्‍यो र धेरै टाढा नभई एउटा विशाल सालको रूख देख्यो।

rama
Verse 17
Sanskrit

स तमुत्पाटयामास संदश्य दशनच्छदम्।।3.30.17।। तं समुत्क्षिप्य बाहुभ्यां विनद्य च महाबलः। राममुद्दिश्य चिक्षेप हतस्त्वमिति चाब्रवीत्।।3.30.18।।

English

Khara, biting his lower lip, uprooted the tree , lifted it with his mighty arms, and shouting at Rama loudly hurled it at him, saying, 'You are dead'.

Hindi

अपना निचला ओष्ठ दाँतों से दबाते हुए खर ने वह वृक्ष उखाड़ा, उसे अपनी बलिष्ठ भुजाओं से उठाया, और राम पर जोर से चिल्लाते हुए 'तू मरा' कहकर उसे उन पर फेंका।

Nepali

आफ्नो तल्लो ओठ दाँतले थिच्दै खरले त्यो रूख उखेल्यो, त्यसलाई आफ्ना बलिष्ठ पाखुराले उठायो, र राममाथि चर्को स्वरले चिच्याउँदै 'तँ मरिस्' भन्दै त्यो उनीमाथि फ्याँक्यो।

rama
Verse 18
Sanskrit

स तमुत्पाटयामास संदश्य दशनच्छदम्।।3.30.17।। तं समुत्क्षिप्य बाहुभ्यां विनद्य च महाबलः। राममुद्दिश्य चिक्षेप हतस्त्वमिति चाब्रवीत्।।3.30.18।।

English

Khara, biting his lower lip, uprooted the tree , lifted it with his mighty arms, and shouting at Rama loudly hurled it at him, saying, 'You are dead'.

Hindi

अपना निचला ओष्ठ दाँतों से दबाते हुए खर ने वह वृक्ष उखाड़ा, उसे अपनी बलिष्ठ भुजाओं से उठाया, और राम पर जोर से चिल्लाते हुए 'तू मरा' कहकर उसे उन पर फेंका।

Nepali

आफ्नो तल्लो ओठ दाँतले थिच्दै खरले त्यो रूख उखेल्यो, त्यसलाई आफ्ना बलिष्ठ पाखुराले उठायो, र राममाथि चर्को स्वरले चिच्याउँदै 'तँ मरिस्' भन्दै त्यो उनीमाथि फ्याँक्यो।

rama
Verse 19
Sanskrit

तमापतन्तं बाणौघैच्छित्वा रामः प्रतापवान्। रोषमाहारयत्तीव्रं निहन्तुं समरे खरम्।।3.30.19।।

English

Brave Rama shattered with a flood of arrows the tree falling over him and summoned sharp anger to end Khara in war.

Hindi

वीर राम ने अपने ऊपर गिरते उस वृक्ष को बाणों की बाढ़ से चूर-चूर कर दिया और युद्ध में खर का अन्त करने के लिए तीव्र क्रोध धारण किया।

Nepali

वीर रामले आफूमाथि खस्दै गरेको त्यस रूखलाई बाणको बाढीले चूरचूर पारिदिए र युद्धमा खरको अन्त्य गर्न तीव्र क्रोध धारण गरे।

rama
Verse 20
Sanskrit

जातस्वेदस्ततो रामो रोषाद्रक्तान्तलोचनः। निर्भिभेद सहस्रेण बाणानां समरे खरम्।।3.30.20।।

English

Full of sweat and with the corners of his eyes turned red, Rama hit Khara with a thousand arrows in the encounter.

Hindi

स्वेद से भरे और नेत्रों के कोने लाल किए राम ने उस द्वन्द्व में खर पर सहस्र बाणों से प्रहार किया।

Nepali

पसिनाले भरिएका र आँखाका कुना राता पारेका रामले त्यस द्वन्द्वमा खरमाथि हजार बाणले प्रहार गरे।

ravana
Verse 21
Sanskrit

तस्य बाणान्तराद्रक्तं बहु सुस्राव फेनिलम्। गिरेः प्रस्रवणस्येव तोयधारापरिस्रवः।।3.30.21।।

English

With his body pierced with arrows his blood started flowing like the waterfalls flow from mount Prasravana.

Hindi

बाणों से बिंधे उसके शरीर से रक्त इस प्रकार बहने लगा जैसे प्रस्रवण पर्वत से झरने बहते हैं।

Nepali

बाणले छेडिएको उसको शरीरबाट रगत यसरी बग्न थाल्यो जसरी प्रस्रवण पर्वतबाट झरनाहरू बग्छन्।

rama
Verse 22
Sanskrit

विह्वलस्सकृतो बाणैः खरो रामेण संयुगे। मत्तो रुधिरगन्धेन तमेवाभ्यद्रवद्द्रुतम्।।3.30.22।।

English

Completely struck by Rama's arrows, Khara, intoxicated with the smell of blood, ran speedily charging towards Rama.

Hindi

राम के बाणों से पूर्णतः आहत खर रक्त की गन्ध से उन्मत्त होकर वेग से राम की ओर झपटा।

Nepali

रामका बाणले पूर्णतः आहत खर रगतको गन्धले उन्मत्त भई वेगले रामतर्फ झम्टियो।

rama
Verse 23
Sanskrit

तमापतन्तं संरब्धं कृतास्त्रो रुधिराप्लुतम्। अपासर्पत्प्रतिपदं किञ्चित्वरितविक्रमः।।3.30.23।।

English

Rama who was an adept in the science of arms picked up his valour quickly and moved a step back (not to give him an opportunity to strike), looking at the highly agitated Khara falling upon him, with his body fully drenched in blood.

Hindi

अस्त्रविद्या में निपुण राम ने शीघ्र ही अपना पराक्रम सँभाला और अत्यन्त उत्तेजित खर को, जिसका शरीर पूर्णतः रक्त से सराबोर था, अपने ऊपर गिरते देखकर एक पग पीछे हटे (ताकि उसे प्रहार का अवसर न मिले)।

Nepali

अस्त्रविद्यामा निपुण रामले छिट्टै आफ्नो पराक्रम सम्हाले र अत्यन्तै उत्तेजित खरलाई, जसको शरीर पूर्णतः रगतले लतपतिएको थियो, आफूमाथि खस्दै गरेको देखेर एक पाइला पछि हटे (ताकि उसलाई प्रहारको अवसर नमिलोस्)।

rama
Verse 24
Sanskrit

ततः पावकसङ्काशं वधाय समरे शरम्। खरस्य रामो जग्राह ब्रह्मदण्डमिवापरम्।।3.30.24।।

English

Rama took a dart glowing like fire which resembled another Brahmadanda to kill Khara in the war.

Hindi

राम ने युद्ध में खर का वध करने के लिए अग्नि के समान देदीप्यमान एक बाण उठाया जो दूसरे ब्रह्मदण्ड के समान प्रतीत होता था।

Nepali

रामले युद्धमा खरको वध गर्न अग्निसमान देदीप्यमान एउटा बाण उठाए जो अर्को ब्रह्मदण्डसमान प्रतीत हुन्थ्यो।

rama
Verse 25
Sanskrit

स तं दत्तं मघवता सुरराजेन धीमता। संदधे चापि धर्मात्मा मुमोच च खरं प्रति।।3.30.25।।

English

Righteous Rama placed on his bow the dart given him by wise Indra, king of the gods, and shot it at Khara.

Hindi

धर्मात्मा राम ने बुद्धिमान् देवराज इन्द्र द्वारा दिया गया वह बाण अपने धनुष पर रखा और खर पर छोड़ा।

Nepali

धर्मात्मा रामले बुद्धिमान् देवराज इन्द्रले दिएको त्यो बाण आफ्नो धनुषमा राखे र खरमाथि छोडे।

rama
Verse 26
Sanskrit

स विमुक्तो महाबाणो निर्घातसमनिस्वनः। रामेण धनुरायम्य खरस्योरसिचापतत्।।3.30.26।।

English

Bending the bow fully, Rama released the arrow roaring like a violent gust of wind, which fell on Khara's chest.

Hindi

धनुष को पूर्णतः खींचकर राम ने प्रचण्ड वायु के झोंके के समान गर्जते उस बाण को छोड़ा, जो खर की छाती पर लगा।

Nepali

धनुषलाई पूर्णतः तानेर रामले प्रचण्ड वायुको झोक्कासमान गर्जने त्यो बाण छोडे, जो खरको छातीमा लाग्यो।

rama
Verse 27
Sanskrit

स पपात खरो भूमौ दह्यमानश्शरानग्निना। रुद्रेणेव विनिर्दग्धश्वेतारण्ये यथान्तकः।।3.30.27।।

English

Just as Yama was burnt by Rudra's fire(from his eyes) in Swetaranya, Khara collapsed on the ground consumed by the fire of Rama's arrow.

Hindi

जैसे श्वेतारण्य में रुद्र की (नेत्रों की) अग्नि से यम भस्म हुए थे, वैसे ही राम के बाण की अग्नि से भस्म होकर खर भूमि पर गिर पड़ा।

Nepali

जसरी श्वेतारण्यमा रुद्रको (आँखाको) अग्निले यम भस्म भएका थिए, त्यसै गरी रामको बाणको अग्निले भस्म भई खर भुइँमा खस्यो।

Verse 28
Sanskrit

स वृत्र इव वज्रेण फेनेन नमुचिर्यथा। बलो वेन्द्राशनिहतो निपपात हतः खरः।।3.30.28।।

English

Khara fell down just like Vrutra or Bala killed by Indra's thunderbolt or like Numuchi by the froth of the sea.

Hindi

खर उसी प्रकार गिरा जैसे इन्द्र के वज्र से मारे गए वृत्र अथवा बल, अथवा समुद्र के फेन से मारा गया नमुचि।

Nepali

खर त्यसै गरी खस्यो जसरी इन्द्रको वज्रले मारिएका वृत्र वा बल, वा समुद्रको फिँजले मारिएको नमुचि।

rama
Verse 29
Sanskrit

ततो राजर्षयस्सर्वे सङ्गताः परमर्षयः। सभाज्य मुदिता राममिदं वचनमब्रुवन्।।3.30.29।।

English

Then the rajarsis, great seers gathered together, offered their worship to Rama and said these words joyfully :

Hindi

तब राजर्षि और महर्षि एकत्र हुए, उन्होंने राम की पूजा की और हर्षपूर्वक ये वचन कहे:

Nepali

तब राजर्षि र महर्षिहरू भेला भए, उनीहरूले रामको पूजा गरे र हर्षपूर्वक यी वचन भने:

Verse 30
Sanskrit

एतदर्थं महातेजा महेन्द्रः पाकशासनः। शरभङ्गाश्रमं पुण्यमाजगाम पुरन्दरः।।3.30.30।।

English

For this purpose, killer of Paka, the gIorious Indra (who can break a fortress), came to the hermitage of Sarabhanga.

Hindi

इसी प्रयोजन से पाकनाशक, पुरन्दर (दुर्गभेदी) यशस्वी इन्द्र शरभंग के आश्रम आए थे।

Nepali

यसै प्रयोजनले पाकनाशक, पुरन्दर (दुर्गभेदी) यशस्वी इन्द्र शरभङ्गको आश्रममा आउनुभएको थियो।

Verse 31
Sanskrit

आनीतस्त्वमिमं देशमुपायेन महर्षिभिः। एषां वधार्थं क्रूराणां रक्षसां पापकर्मणाम्।।3.30.31।।

English

You are brought to this place by the great sages who had cleverly devised a plan to kill the cruel sinners, these demons৷৷

Hindi

आपको इस स्थान पर उन महर्षियों द्वारा लाया गया है जिन्होंने इन क्रूर पापी राक्षसों का वध करने के लिए चतुराई से योजना बनाई थी।

Nepali

तपाईंलाई यस ठाउँमा ती महर्षिहरूले ल्याएका हुन् जसले यी क्रूर पापी राक्षसहरूको वध गर्न चतुर्याइँले योजना बनाएका थिए।

dasharatha
Verse 32
Sanskrit

तदिदं नः कृतं कार्यं त्वया दशरथात्मज। सुखं धर्मं चरिष्यन्ति दण्डकेषु महर्षयः।।3.30.32।।

English

O son of Dasaratha, you have accomplished such a task that hereafter the sages in Dandaka will discharge their rightful duties happily.

Hindi

हे दशरथनन्दन! आपने ऐसा कार्य सिद्ध किया है कि अब से दण्डक के मुनि अपने धर्मोचित कर्तव्य सुखपूर्वक निभा सकेंगे।

Nepali

हे दशरथनन्दन! तपाईंले यस्तो कार्य सिद्ध गर्नुभएको छ कि अबदेखि दण्डकका मुनिहरूले आफ्ना धर्मोचित कर्तव्य सुखपूर्वक निभाउन सक्नेछन्।

rama
Verse 33
Sanskrit

एतस्मिन्तरे देवाश्चारणैस्सह सङ्गताः। दुन्दुभींश्चाभिनिघ्नन्तः पुष्पवर्षं समन्ततः।।3.30.33।। रामस्योपरि संह्रुष्टा ववृषुर्विस्मितास्तदा।

English

Meanwhile the wonderstruck gods along with the charanas (celestial bards) got together and began beating the drums and raining showers of flowers on Rama from all sides.

Hindi

इसी बीच चारणों (दिव्य गायकों) सहित विस्मित देवता एकत्र हुए और नगाड़े बजाने लगे तथा चारों ओर से राम पर पुष्पों की वर्षा करने लगे।

Nepali

यसैबीच चारण (दिव्य गायक) सहित विस्मित देवताहरू भेला भए र नगरा बजाउन थाले तथा चारैतिरबाट राममाथि फूलको वर्षा गर्न थाले।

rama
Verse 34
Sanskrit

अर्धाधिकमुहूर्तेन रामेण निशितैश्शरैः।।3.30.34।। चतुर्दशसहस्राणि रक्षसां भीमकर्मणाम्। खरदूषणमुख्यानां निहतानि महाहवे।।3.30.35।।

English

'In a little more than half a moment of this great war Rama had accomplished the terrific task of killing with sharp darts fourteen thousand demons, led by Khara and Dusana.

Hindi

'इस महायुद्ध के आधे क्षण से कुछ ही अधिक समय में राम ने खर और दूषण के नेतृत्व वाले चौदह सहस्र राक्षसों का तीखे बाणों से वध करने का भयंकर कार्य सिद्ध कर दिया।'

Nepali

'यस महायुद्धको आधा क्षणभन्दा केही मात्र बढी समयमा रामले खर र दूषणको नेतृत्व भएका चौध हजार राक्षसको तीखा बाणले वध गर्ने भयंकर कार्य सिद्ध गरिदिए।'

rama
Verse 35
Sanskrit

अर्धाधिकमुहूर्तेन रामेण निशितैश्शरैः।।3.30.34।। चतुर्दशसहस्राणि रक्षसां भीमकर्मणाम्। खरदूषणमुख्यानां निहतानि महाहवे।।3.30.35।।

English

'In a little more than half a moment of this great war Rama had accomplished the terrific task of killing with sharp darts fourteen thousand demons, led by Khara and Dusana.

Hindi

'इस महायुद्ध के आधे क्षण से कुछ ही अधिक समय में राम ने खर और दूषण के नेतृत्व वाले चौदह सहस्र राक्षसों का तीखे बाणों से वध करने का भयंकर कार्य सिद्ध कर दिया।'

Nepali

'यस महायुद्धको आधा क्षणभन्दा केही मात्र बढी समयमा रामले खर र दूषणको नेतृत्व भएका चौध हजार राक्षसको तीखा बाणले वध गर्ने भयंकर कार्य सिद्ध गरिदिए।'

rama
Verse 36
Sanskrit

अहो बत महत्कर्म रामस्य विदितात्मनः। अहो वीर्यमहो दाक्ष्यं विष्णोरिव हि दृश्यते।।3.30.36।। इत्येवमुक्त्वा ते सर्वे ययुर्देवा यथागतम्।

English

'Rama who knows the self has performed a great work. Oh what prowess what efficiency only lord Visnu could do this'. So saying all the gods went back to their respective destinations.

Hindi

'आत्मज्ञानी राम ने महान् कार्य किया है। ओह, कैसा पराक्रम! कैसी कुशलता! यह केवल भगवान् विष्णु ही कर सकते थे।' ऐसा कहकर सब देवता अपने-अपने धाम लौट गए।

Nepali

'आत्मज्ञानी रामले महान् कार्य गरेका छन्। ओहो, कस्तो पराक्रम! कस्तो कुशलता! यो केवल भगवान् विष्णुले मात्र गर्न सक्नुहुन्थ्यो।' यसो भनेर सबै देवता आ-आफ्ना धाम फर्के।

sita lakshmana
Verse 37
Sanskrit

तस्मिन्नन्तरे वीरो लक्ष्मणस्सह सीतया। गिरिदुर्गाद्विनिष्क्रम्य संविवेशाश्रमं सुखी।।3.30.37।।

English

In the mean time, heroic Lakshmana accompanied by Sita came out of the mountain cave happily and entered the hermitage.

Hindi

इसी बीच वीर लक्ष्मण सीता सहित पर्वतगुफा से प्रसन्नतापूर्वक बाहर आए और आश्रम में प्रविष्ट हुए।

Nepali

यसैबीच वीर लक्ष्मण सीतासहित पर्वतगुफाबाट प्रसन्नतापूर्वक बाहिर आए र आश्रममा प्रवेश गरे।

rama lakshmana
Verse 38
Sanskrit

ततो रामस्तु विजयी पूज्यमानो महर्षिभिः। प्रविवेशाश्रमं वीरो लक्ष्मणेनाभिपूजितः।।3.30.38।।

English

Then victorious Rama having been worshipped by the seers and also by Lakshmana entered the hermitage.

Hindi

तब मुनियों द्वारा तथा लक्ष्मण द्वारा भी पूजित विजयी राम ने आश्रम में प्रवेश किया।

Nepali

तब मुनिहरूद्वारा तथा लक्ष्मणद्वारा पनि पूजित विजयी रामले आश्रममा प्रवेश गरे।

rama sita
Verse 39
Sanskrit

तं दृष्ट्वा शत्रुहन्तारं महर्षीणां सुखावहम्। बभूव हृष्टा वैदेही भर्तारं परिषस्वजे।।3.30.39।।

English

On seeing Rama killing the enemies of the great sages for their happiness Sita felt glad and embraced her husband.

Hindi

महर्षियों के सुख के लिए राम को उनके शत्रुओं का वध करते देखकर सीता प्रसन्न हुईं और उन्होंने अपने पति का आलिंगन किया।

Nepali

महर्षिहरूको सुखका लागि रामलाई तिनका शत्रुहरूको वध गर्दै गरेको देखेर सीता प्रसन्न भइन् र उनले आफ्ना पतिलाई अङ्गालो हालिन्।

rama sita janaka
Verse 40
Sanskrit

मुदा परमया युक्ता दृष्ट्वा रक्षोगणान्हतान्। रामं चैवाव्यथं दृष्ट्वा तुतोष जनकात्मजा।।3.30.40।।

English

Sita, daughter of Janaka, was happy to see the demons killed by Rama who himself was unhurt.

Hindi

जनकनन्दिनी सीता राक्षसों को राम द्वारा मारा गया और स्वयं राम को अक्षत देखकर प्रसन्न हुईं।

Nepali

जनकनन्दिनी सीता राक्षसहरूलाई रामद्वारा मारिएको र स्वयं रामलाई अक्षत देखेर प्रसन्न भइन्।

rama sita janaka valmiki
Verse 41
Sanskrit

ततस्तु तं राक्षससङ्घमर्दनं सभाज्यमानं मुदितैर्महर्षिभिः। पुनः परिष्वज्य शशिप्रभानना बभूव हृष्टा जनकात्मजा तदा।।3.30.41।।

English

Then the daughter of Janaka, cheerful Sita, who had a face bright like the moon, embraced Rama, destroyer of demons who was worshipped by the delighted sages. इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये अरण्यकाण्डे त्रिंशस्सर्गः।। Thus ends the thirtieth sarga of Aranyakanda of the holy Ramayana the first epic composed by sage Valmiki.

Hindi

तब चन्द्रमा के समान उज्ज्वल मुख वाली प्रफुल्ल जनकनन्दिनी सीता ने राक्षसनाशक राम का आलिंगन किया, जो हर्षित मुनियों द्वारा पूजित थे। इस प्रकार महर्षि वाल्मीकि रचित आदिकाव्य श्रीमद्रामायण के अरण्यकाण्ड का त्रिंश सर्ग समाप्त हुआ।

Nepali

तब चन्द्रमासमान उज्ज्वल मुख भएकी प्रफुल्ल जनकनन्दिनी सीताले राक्षसनाशक रामलाई अङ्गालो हालिन्, जो हर्षित मुनिहरूद्वारा पूजित थिए। यसरी महर्षि वाल्मीकिद्वारा रचित आदिकाव्य श्रीमद्रामायणको अरण्यकाण्डको तीसौँ सर्ग समाप्त भयो।