Chapter 191

Anugita Parva — The five sacrificing Pricsts

Show:
View:
Verse 1
Sanskrit

ब्राह्मण उवाच अत्राप्युदाहरन्तीममितिहासं पुरातनम्। सुभगे पञ्चहोतृणां विधानमिह यादृशम्॥

English

The Brahmana said Regarding it, О blessed lady, is cited the ancient story of what kind the institution is of the five sacrificing priests.

Hindi

ब्राह्मण ने कहा — हे भद्रे, इस विषय में यह प्राचीन कथा कही जाती है कि पाँच ऋत्विजों का विधान किस प्रकार का है।

Nepali

ब्राह्मणले भने — हे भद्रे, यस विषयमा यो प्राचीन कथा भनिन्छ कि पाँच ऋत्विज्को विधान कस्तो प्रकारको छ।

Verse 2
Sanskrit

प्राणापानावुदानश्च समानो व्यान एव च। पञ्चहोतूंस्तथैतान् वै परं भावं विदुर्बुधाः॥

English

The learned know this to be a great principle that Prana and Apana and Udana and Şamana and Vyana are the five sacrificing priests.

Hindi

विद्वान् जन इसे महान् सिद्धान्त मानते हैं कि प्राण, अपान, उदान, समान और व्यान — ये पाँच ऋत्विज् हैं।

Nepali

विद्वान् जनहरूले यसलाई महान् सिद्धान्त मान्दछन् कि प्राण, अपान, उदान, समान र व्यान — यी पाँच ऋत्विज् हुन्।

Verse 3
Sanskrit

ब्राह्मण्युवाच स्वभावात् सप्तहोतार इति मे पूर्विका मतिः। यथा वै पञ्चहोतारः परो भावस्तदुच्यताम्॥

English

The Brahmana's wife said I naturally believed that there are seven sacrificing priests. Let the great principle be declared to me as to how, indeed, the number is five of the sacrificing priests.

Hindi

ब्राह्मण की पत्नी ने कहा — मैं तो स्वभावतः यह मानती थी कि ऋत्विज् सात हैं। मुझे वह महान् सिद्धान्त बताइए कि ऋत्विजों की संख्या वस्तुतः पाँच किस प्रकार है।

Nepali

ब्राह्मणकी पत्नीले भनिन् — म त स्वभावतः यो मान्दथेँ कि ऋत्विज् सात छन्। मलाई त्यो महान् सिद्धान्त बताउनुहोस् कि ऋत्विज्को सङ्ख्या वास्तवमा पाँच कसरी छ।

Verse 4
Sanskrit

ब्राह्मण उवाच प्राणेन सम्भृतो वायुरपानो जायते ततः। अपाने सम्भृते वायुस्ततो व्यानः प्रवर्तते॥

English

The Brahmana said The wind nursed y Prana afterwards takes birth in Apana. The wind nursed in Apana then becomes developed into Vyana.

Hindi

ब्राह्मण ने कहा — प्राण से पोषित वायु तत्पश्चात् अपान में जन्म लेती है। अपान में पोषित वायु तब व्यान के रूप में विकसित होती है।

Nepali

ब्राह्मणले भने — प्राणले पोषित वायु त्यसपछि अपानमा जन्म लिन्छ। अपानमा पोषित वायु तब व्यानका रूपमा विकसित हुन्छ।

Verse 5
Sanskrit

व्यानेन सम्भृतो वायुस्ततोदानः प्रवर्तते। उदाने सम्भृतो वायुः समानो नाम जायते॥

English

Nursed by Vyana, the wind is then developed into Udana. Nursed in Udana, the wind is then generated as Samana.

Hindi

व्यान से पोषित होकर वायु तब उदान के रूप में विकसित होती है। उदान में पोषित होकर वायु तब समान के रूप में उत्पन्न होती है।

Nepali

व्यानले पोषित भई वायु तब उदानका रूपमा विकसित हुन्छ। उदानमा पोषित भई वायु तब समानका रूपमा उत्पन्न हुन्छ।

Verse 6
Sanskrit

तेऽपृच्छन्त पुरा सन्तः पूर्वजातं पितामहम्। यो नः श्रेष्ठस्तमाचक्ष्व स नः श्रेष्ठो भविष्यतिः॥

English

Those good beings formerly asked the first born Grandfather, saying, Do you say who amongst us is the foremost. He alone will be our chief.

Hindi

उन सत्स्वरूप वायुओं ने पूर्वकाल में प्रथम उत्पन्न पितामह से पूछा — आप बताइए कि हममें कौन सर्वश्रेष्ठ है। वही हमारा प्रधान होगा।

Nepali

ती सत्स्वरूप वायुहरूले पूर्वकालमा प्रथम उत्पन्न पितामहलाई सोधे — तपाईंले बताउनुहोस् कि हामीमध्ये को सर्वश्रेष्ठ छ। उही हाम्रो प्रधान हुनेछ।

Verse 7
Sanskrit

ब्रह्मोवाच यस्मिन् प्रलीने प्रलयं व्रजन्ति सर्वे प्राणाः प्राणभृतां शरीरे। यस्मिन् प्रचीर्णे च पुनश्चरन्ति स वै श्रेष्ठो गच्छत यत्र कामः॥

English

Brahman said He upon whose extinction all the vital airs become extinct in the bodies of living creatures, he upon whose moving they move, is, indeed, the foremost. Do you go where you like.

Hindi

ब्रह्मा ने कहा — जिसके लुप्त होने पर प्राणियों के शरीरों में समस्त प्राणवायु लुप्त हो जाएँ, और जिसके गतिशील होने पर वे गति करने लगें, वही वस्तुतः सर्वश्रेष्ठ है। तुम जहाँ चाहो वहाँ जाओ।

Nepali

ब्रह्माले भने — जसको लोप हुँदा प्राणीहरूका शरीरमा सम्पूर्ण प्राणवायु लोप होऊन्, र जो गतिशील हुँदा तिनीहरू गति गर्न थालून्, उही वास्तवमा सर्वश्रेष्ठ हो। तिमीहरू जहाँ चाहन्छौ त्यहाँ जाऊ।

Verse 8
Sanskrit

प्राण उवाच मयि प्रलीने प्रलयं व्रजन्ति सर्वे प्राणाः प्राणभृतां शरीरे। मयि प्रचीर्णे च पुनश्चरन्ति श्रेष्ठो ह्यहं पश्यत मां प्रलीनम्॥

English

Prana said Upon my extinction all the vital airs become extinct in the bodies of living creatures. Upon my moving they once more move. I am the foremost. Sce, I go into extinction.

Hindi

प्राण ने कहा — मेरे लुप्त होने पर प्राणियों के शरीरों में समस्त प्राणवायु लुप्त हो जाते हैं। मेरे गतिशील होने पर वे पुनः गति करने लगते हैं। मैं ही सर्वश्रेष्ठ हूँ। देखो, मैं लुप्त होता हूँ।

Nepali

प्राणले भन्यो — मेरो लोप हुँदा प्राणीहरूका शरीरमा सम्पूर्ण प्राणवायु लोप हुन्छन्। म गतिशील हुँदा तिनीहरू पुनः गति गर्न थाल्दछन्। म नै सर्वश्रेष्ठ हुँ। हेर, म लोप हुन्छु।

Verse 9
Sanskrit

ब्राह्मण उवाच प्राणः प्रालीयत तत: पुनश्च प्रचचार ह। समानश्चाप्युदानश्च वचोऽव्रतां पुनः शुभे॥ न त्वं सर्वमिदं व्याप्य तिष्ठसीह यथा वयम्। न त्वं श्रेष्ठो हि नः प्राण अपानो हि वशे तव। प्रचचार पुनः प्राणस्तमपानोऽभ्यभाषत॥

English

The Brahniana said Prana then became extinct and once more moved about. Then Saman and Udana also, O blessed one, said these words, You do not live here, pervading all this, as we do. You are not the foremost amongst us, O Prana! (Only) Apana is under your dominion! Prana then moved about, and to him Apana spoke.

Hindi

ब्राह्मण ने कहा — तब प्राण लुप्त हो गए और पुनः गति करने लगे। तब हे भद्रे, समान और उदान ने भी ये वचन कहे — तुम यहाँ इस सब में व्याप्त होकर वैसे नहीं रहते जैसे हम रहते हैं। हे प्राण, तुम हममें सर्वश्रेष्ठ नहीं हो! (केवल) अपान तुम्हारे अधिकार में है! तब प्राण गति करने लगे, और उनसे अपान ने कहा।

Nepali

ब्राह्मणले भने — तब प्राण लोप भए र पुनः गति गर्न थाले। तब हे भद्रे, समान र उदानले पनि यी वचन भने — तिमी यहाँ यो सबैमा व्याप्त भई त्यसरी बस्दैनौ जसरी हामी बस्दछौँ। हे प्राण, तिमी हामीमध्ये सर्वश्रेष्ठ होइनौ! (केवल) अपान तिम्रो अधिकारमा छ! तब प्राण गति गर्न थाले, र उनलाई अपानले भन्यो।

Verse 10
Sanskrit

अपान उवाच पयि प्रलीने प्रलयं व्रजन्ति सर्वे प्राणाः प्राणभृतां शरीरे। मयि प्रचीर्णे च पुनश्चरन्ति श्रेष्ठो ह्यहं पश्यत मां प्रलीनम्॥

English

When I become extinct, all the vital airs become extinct in the bodies of living creatures. When I move about, they again move about. I am, therefore, the foremost, See, I go into extinction.

Hindi

जब मैं लुप्त होता हूँ, तब प्राणियों के शरीरों में समस्त प्राणवायु लुप्त हो जाते हैं। जब मैं गति करता हूँ, तब वे पुनः गति करने लगते हैं। इसलिए मैं ही सर्वश्रेष्ठ हूँ। देखो, मैं लुप्त होता हूँ।

Nepali

जब म लोप हुन्छु, तब प्राणीहरूका शरीरमा सम्पूर्ण प्राणवायु लोप हुन्छन्। जब म गति गर्दछु, तब तिनीहरू पुनः गति गर्न थाल्दछन्। त्यसैले म नै सर्वश्रेष्ठ हुँ। हेर, म लोप हुन्छु।

Verse 11
Sanskrit

ब्राह्मण उवाच व्यानश्च तमुदानश्च भाषमाणमथोचतुः। अपान न त्वं श्रेष्ठोऽसि प्राणो हि वशगस्तव॥

English

The Brahmana said To Apana who said so, both Vyana and Udana said, O Apana, you are not the foremost (Only) Prana is under your dominion.

Hindi

ब्राह्मण ने कहा — ऐसा कहने वाले अपान से व्यान और उदान — दोनों ने कहा — हे अपान, तुम सर्वश्रेष्ठ नहीं हो। (केवल) प्राण तुम्हारे अधिकार में है।

Nepali

ब्राह्मणले भने — यसो भन्ने अपानलाई व्यान र उदान — दुवैले भने — हे अपान, तिमी सर्वश्रेष्ठ होइनौ। (केवल) प्राण तिम्रो अधिकारमा छ।

Verse 12
Sanskrit

अपानः प्रचचाराथ व्यानस्तं पुनरब्रवीत्। श्रेष्ठोऽहमस्मि सर्वेषां श्रूयतां येन हेतुना॥

English

Then Apana began to move about, Vyana once more addressed him, saying I am the foremost of all. Listen, for what reason.

Hindi

तब अपान गति करने लगे। व्यान ने पुनः उन्हें सम्बोधित करते हुए कहा — मैं सबमें सर्वश्रेष्ठ हूँ। सुनो, किस कारण से।

Nepali

तब अपान गति गर्न थाल्यो। व्यानले पुनः उसलाई सम्बोधन गर्दै भन्यो — म सबैमा सर्वश्रेष्ठ हुँ। सुन, कुन कारणले।

Verse 13
Sanskrit

मयि प्रलीने प्रलयं व्रजन्ति सर्वे प्राणाः प्राणभृतां शरीरे। मयि प्रचीर्णे च पुनश्चरन्ति श्रेष्ठो ह्यहं पश्यत मां प्रलीनम्॥

English

When I become extinct, all the vital airs become extinct in the bodies of living creatures. When I move about, they once more move about. I am (therefore) the foremost. Sce, I go into extinction.

Hindi

जब मैं लुप्त होता हूँ, तब प्राणियों के शरीरों में समस्त प्राणवायु लुप्त हो जाते हैं। जब मैं गति करता हूँ, तब वे पुनः गति करने लगते हैं। (इसलिए) मैं ही सर्वश्रेष्ठ हूँ। देखो, मैं लुप्त होता हूँ।

Nepali

जब म लोप हुन्छु, तब प्राणीहरूका शरीरमा सम्पूर्ण प्राणवायु लोप हुन्छन्। जब म गति गर्दछु, तब तिनीहरू पुनः गति गर्न थाल्दछन्। (त्यसैले) म नै सर्वश्रेष्ठ हुँ। हेर, म लोप हुन्छु।

Verse 14
Sanskrit

ब्राह्मण उवाच प्रालीयत ततो व्यान: पुनश्च प्रचचार ह। प्राणापानावुदानश्च समानश्च तमब्रुवन्। न त्वं श्रेष्ठोऽसि नो व्यान समानस्तु वशे तव॥ प्रचचार पुनर्व्यानः समानः पुनरब्रवीत्। श्रेष्ठोऽहमस्मि सर्वेषां श्रूयतां येन हेतुना॥ मयि प्रलीने प्रलयं व्रजन्ति सर्वे प्राणाः प्राणभृतां शरीरे। मयि प्रचीर्णे च पुनश्चरन्ति श्रेष्ठो ह्यहं पश्यत मां प्रलीनम्॥

English

Then Vyana became extinct and once more began to move about. At this, Prana and Apana and Udana and Samana Addressed him, saying. You are not the foremost among us, O Vyana! (Only) Samana is under your dominion. Vyana then began to move about and Saman said to him, I am the foremost of you all! Listen, for what reason. When I become extinct, all the vital airs become extinct in the bodies of living creatures. When I begin to move about, they once more move about. Hence, I am the forcmost. See, I become extinct.

Hindi

तब व्यान लुप्त हो गए और पुनः गति करने लगे। इस पर प्राण, अपान, उदान और समान ने उन्हें सम्बोधित करते हुए कहा — हे व्यान, तुम हममें सर्वश्रेष्ठ नहीं हो! (केवल) समान तुम्हारे अधिकार में है। तब व्यान गति करने लगे और समान ने उनसे कहा — मैं तुम सबमें सर्वश्रेष्ठ हूँ! सुनो, किस कारण से। जब मैं लुप्त होता हूँ, तब प्राणियों के शरीरों में समस्त प्राणवायु लुप्त हो जाते हैं। जब मैं गति करने लगता हूँ, तब वे पुनः गति करने लगते हैं। इसलिए मैं ही सर्वश्रेष्ठ हूँ। देखो, मैं लुप्त होता हूँ।

Nepali

तब व्यान लोप भयो र पुनः गति गर्न थाल्यो। यसमा प्राण, अपान, उदान र समानले उसलाई सम्बोधन गर्दै भने — हे व्यान, तिमी हामीमध्ये सर्वश्रेष्ठ होइनौ! (केवल) समान तिम्रो अधिकारमा छ। तब व्यान गति गर्न थाल्यो र समानले उसलाई भन्यो — म तिमीहरू सबैमा सर्वश्रेष्ठ हुँ! सुन, कुन कारणले। जब म लोप हुन्छु, तब प्राणीहरूका शरीरमा सम्पूर्ण प्राणवायु लोप हुन्छन्। जब म गति गर्न थाल्दछु, तब तिनीहरू पुनः गति गर्न थाल्दछन्। त्यसैले म नै सर्वश्रेष्ठ हुँ। हेर, म लोप हुन्छु।

Verse 15
Sanskrit

समानः प्रचचाराथ उदानस्तमुवाच ह। श्रेष्ठाऽहमस्मि सर्वेषां श्रूयतां येन हेतुना॥

English

Then Samana began to inovc about. To him Udana said, I am the foremost of all the vital airs. Listen, for what reason.

Hindi

तब समान गति करने लगे। उनसे उदान ने कहा — मैं समस्त प्राणवायुओं में सर्वश्रेष्ठ हूँ। सुनो, किस कारण से।

Nepali

तब समान गति गर्न थाल्यो। उसलाई उदानले भन्यो — म सम्पूर्ण प्राणवायुमा सर्वश्रेष्ठ हुँ। सुन, कुन कारणले।

Verse 16
Sanskrit

मयि प्रलीने प्रलयं व्रजन्ति सर्वे प्राणा: प्राणभृतां शरीरे। मयि प्रचीर्णे च पुनश्चरन्ति श्रेष्ठो ह्यहं पश्यत मां प्रलीनम्॥

English

When I become extinct, all the vital airs become extinct in the bodies of living creatures. When I move about they once more move about. Hence, I am the foremost. Behold I become extinct.

Hindi

जब मैं लुप्त होता हूँ, तब प्राणियों के शरीरों में समस्त प्राणवायु लुप्त हो जाते हैं। जब मैं गति करता हूँ, तब वे पुनः गति करने लगते हैं। इसलिए मैं ही सर्वश्रेष्ठ हूँ। देखो, मैं लुप्त होता हूँ।

Nepali

जब म लोप हुन्छु, तब प्राणीहरूका शरीरमा सम्पूर्ण प्राणवायु लोप हुन्छन्। जब म गति गर्दछु, तब तिनीहरू पुनः गति गर्न थाल्दछन्। त्यसैले म नै सर्वश्रेष्ठ हुँ। हेर, म लोप हुन्छु।

Verse 17
Sanskrit

ततः प्रालीयतोदान: पुनश्च प्रचचार ह। प्राणापानौ समानश्च व्यानश्चैव तमब्रुवन्।। उदान न त्वं श्रेष्ठोऽसि व्यान एव वशे तव।॥

English

Then Udana, after having become extinct, began to once more move about. Prana and Apana and Samana and Vyana said to him, O Udana, you are not the foremost one among us. (Only) Vyana is under your dominion.

Hindi

तब उदान लुप्त होकर पुनः गति करने लगे। प्राण, अपान, समान और व्यान ने उनसे कहा — हे उदान, तुम हममें सर्वश्रेष्ठ नहीं हो। (केवल) व्यान तुम्हारे अधिकार में है।

Nepali

तब उदान लोप भई पुनः गति गर्न थाल्यो। प्राण, अपान, समान र व्यानले उसलाई भने — हे उदान, तिमी हामीमध्ये सर्वश्रेष्ठ होइनौ। (केवल) व्यान तिम्रो अधिकारमा छ।

Verse 18
Sanskrit

व्राह्मण उवाच ततस्तानब्रवीद् ब्रह्मा समवेतान् प्रजापतिः। सर्वे श्रेष्ठा न वा श्रेष्ठाः सर्वे चान्योन्यधर्मिणः॥

English

The Brahmana said To them assembled together, the Lord of creatures, Brahman, said, You are all foremost and not foremost. You are all gified with the attributes of one another.

Hindi

ब्राह्मण ने कहा — एकत्र हुए उन सबसे प्रजापति ब्रह्मा ने कहा — तुम सब सर्वश्रेष्ठ हो और सर्वश्रेष्ठ नहीं भी हो। तुम सब एक-दूसरे के गुणों से सम्पन्न हो।

Nepali

ब्राह्मणले भने — जम्मा भएका ती सबैलाई प्रजापति ब्रह्माले भने — तिमीहरू सबै सर्वश्रेष्ठ हौ र सर्वश्रेष्ठ होइनौ पनि। तिमीहरू सबै एक-अर्काका गुणले सम्पन्न छौ।

Verse 19
Sanskrit

सर्वे स्वविषये श्रेष्ठाः सर्वे चान्योन्यधर्मिणः। इति तानब्रवीत् सर्वान् समवेतान् प्रजापति॥

English

All are foremost in their own spheres, and all possess the attributes of one another! The Lord of all creatures, thus said to them, that were assembled together.

Hindi

सब अपने-अपने क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ हैं, और सब एक-दूसरे के गुण रखते हैं! एकत्र हुए उन सबसे प्रजापति ने ऐसा ही कहा।

Nepali

सबै आ-आफ्नो क्षेत्रमा सर्वश्रेष्ठ छन्, र सबैले एक-अर्काका गुण राख्दछन्! जम्मा भएका ती सबैलाई प्रजापतिले त्यस्तै भने।

Verse 20
Sanskrit

एकः स्थिरश्चास्थिरश्च विशेषात् पञ्च वायवः। एक एव ममैवात्मा बहुधाप्युपचीयते॥

English

There is one that is unmoving, and one that is moving. On account of special attributes, there are five vital airs. My own self is one. That one accumulates into many forms.

Hindi

एक वह है जो अचल है, और एक वह जो चल है। विशेष गुणों के कारण पाँच प्राणवायु हैं। मेरा अपना स्वरूप एक ही है। वही एक अनेक रूपों में संचित होता है।

Nepali

एक त्यो छ जो अचल छ, र एक त्यो जो चल छ। विशेष गुणका कारण पाँच प्राणवायु छन्। मेरो आफ्नो स्वरूप एक नै हो। त्यही एक अनेक रूपमा सञ्चित हुन्छ।

Verse 21
Sanskrit

परस्परस्य सुहृदो भावयन्तः परस्परम्। स्वस्ति ब्रजत भद्रं वो धारयध्वं परस्परम्॥

English

Becoming friendly to one another, and pleasing one another, depart in depart in peace. Blessings to you, do you up hold one another.

Hindi

एक-दूसरे के मित्र बनकर और एक-दूसरे को प्रसन्न करते हुए शान्ति से जाओ। तुम्हारा कल्याण हो, तुम एक-दूसरे को धारण करो।

Nepali

एक-अर्काका मित्र बनेर र एक-अर्कालाई प्रसन्न पार्दै शान्तिले जाऊ। तिमीहरूको कल्याण होस्, तिमीहरू एक-अर्कालाई धारण गर।