Chapter 10

Aranyaka Parva — The words of Maitreya

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dhritarashtra
Verse 1 धृतराष्ट्र उवाच · Dhritarashtra asks
Sanskrit

धृतराष्ट्र उवाच एवमेतन्महाप्राज्ञ यथा वदसि नो मुने। अहं चैव विजानामि सर्वे चेमे नराधिपाः॥

English

Dhritarashtra said: O greatly intelligent Rishi, it is exactly as you say. I know it well, as do all these kings.

Hindi

धृतराष्ट्र ने कहा — हे महाबुद्धिमान् ऋषे, बात ठीक वैसी ही है जैसी आप कहते हैं। मैं इसे भलीभाँति जानता हूँ, और ये समस्त राजा भी जानते हैं।

Nepali

धृतराष्ट्रले भने — हे महाबुद्धिमान् ऋषे, कुरा ठीक त्यस्तै हो जस्तो तपाईं भन्नुहुन्छ। म यो राम्ररी जान्दछु, र यी सम्पूर्ण राजाहरूले पनि जान्दछन्।

vidura bhishma drona
Verse 2
Sanskrit

भवांश्च मन्यते साधु यत् कुरूणां महोदयम्। तदेव विदुरोऽप्याह भीष्मो द्रोणश्च मां पुने॥

English

O Rishi, what you consider beneficial for the Kurus was pointed out to me by Vidura, Bhishma and Drona.

Hindi

हे ऋषे, कुरुओं के लिए जो आप हितकर मानते हैं, वही मुझे विदुर, भीष्म और द्रोण ने भी बताया था।

Nepali

हे ऋषे, कुरुहरूका लागि जो तपाईं हितकर मान्नुहुन्छ, त्यही मलाई विदुर, भीष्म र द्रोणले पनि बताएका थिए।

duryodhana
Verse 3
Sanskrit

यदि त्वहमनचाह्यः कौरव्येषु दया यदि। अन्वशाधि दुरात्मानं पुत्रं दुर्योधनं मम॥

English

If I deserve your grace and if you have kindness for the Kurus, then teach my wicked son Duryodhana (to be good).

Hindi

यदि मैं आपकी कृपा के योग्य हूँ और यदि आपके मन में कुरुओं के प्रति करुणा है, तो मेरे दुष्ट पुत्र दुर्योधन को (सन्मार्ग का) उपदेश दीजिए।

Nepali

यदि म तपाईंको कृपाको योग्य छु र यदि तपाईंको मनमा कुरुहरूप्रति करुणा छ भने, मेरो दुष्ट पुत्र दुर्योधनलाई (सन्मार्गको) उपदेश दिनुहोस्।

vyasa
Verse 4
Sanskrit

व्यास उवाच अयमायाति वै राजन् मैत्रेयो भगवानृषिः। अन्विष्य पाण्डवान् भ्रातृनिहैत्यस्मद्दिदृक्षया॥

English

Vyasa said: O king, after having seen the Pandava brothers, there comes the illustrious. Rishi Maitreya with the desire of seeing us.

Hindi

व्यास ने कहा — हे राजन्, पाण्डव भ्राताओं का दर्शन करके यशस्वी ऋषि मैत्रेय हमसे मिलने की इच्छा से यहाँ आ रहे हैं।

Nepali

व्यासले भने — हे राजन्, पाण्डव दाजुभाइहरूको दर्शन गरेर यशस्वी ऋषि मैत्रेय हामीलाई भेट्ने इच्छाले यहाँ आउँदै छन्।

duryodhana
Verse 5
Sanskrit

एष दुर्योधनं पुत्रं तव राजन् महानृषिः। अनुशास्ता यथान्यायं शमायास्य कुलस्य च॥

English

O king, this great Rishi will admonish your son Duryodhana for the sake of the welfare of this race.

Hindi

हे राजन्, ये महान् ऋषि इस वंश के कल्याण के लिए तुम्हारे पुत्र दुर्योधन को उपदेश देंगे।

Nepali

हे राजन्, यी महान् ऋषिले यस वंशको कल्याणका लागि तिम्रो पुत्र दुर्योधनलाई उपदेश दिनेछन्।

Verse 6
Sanskrit

ब्रूयाद् यदेष कौरव्य तत् कार्यमविशङ्कया। अक्रियायां तु कार्यस्य पुत्रं ते शप्स्यते रुषा॥

English

O descendant of Kuru, what he will advise should be done without any hesitation, for if what he will recommend is not done, the Rishi will curse your son in anger.

Hindi

हे कुरुवंशी, वे जो कुछ कहें, वह बिना किसी हिचक के किया जाना चाहिए; क्योंकि यदि उनका कहा न किया गया, तो वे ऋषि क्रोध में तुम्हारे पुत्र को शाप दे देंगे।

Nepali

हे कुरुवंशी, उनले जे भन्छन्, त्यो कुनै हिचकिचाहटविना गरिनुपर्छ; किनभने यदि उनको भनाइ पालना गरिएन भने, ती ऋषिले क्रोधमा तिम्रो पुत्रलाई शाप दिनेछन्।

vyasa
Verse 7
Sanskrit

वैशम्पायन उवाच एवमुक्त्वा ययौ व्यासो मैत्रेयः प्रत्यदृश्यता पूजया प्रतिजग्राह सपुत्रस्तं नराधिपः॥

English

Vaishampayana said : Having said this, Vyasa went away and Maitreya came there. The king with his sons received with all respect.

Hindi

वैशम्पायन ने कहा — यह कहकर व्यास चले गए और मैत्रेय वहाँ आए। राजा ने अपने पुत्रों सहित पूर्ण आदर से उनका स्वागत किया।

Nepali

वैशम्पायनले भने — यसो भनेर व्यास गए र मैत्रेय त्यहाँ आए। राजाले आफ्ना पुत्रहरूसहित पूर्ण आदरका साथ उनको स्वागत गरे।

dhritarashtra
Verse 8
Sanskrit

अर्ध्याद्याभिः क्रियाभिर्वै विश्रान्तं मुनिसत्तमम्। प्रश्रयेणाब्रवीद् राजाधृतराष्ट्रोऽम्बिकासुतः॥

English

That way-worn chief of the Rishis, by offering him Arghya and performing other rites. The son of Ambika, king Dhritarashtra, then asked him these questions.

Hindi

मार्ग से थके हुए उन ऋषिश्रेष्ठ का अर्घ्य देकर तथा अन्य विधियाँ सम्पन्न करके सत्कार किया गया। तत्पश्चात् अम्बिकापुत्र राजा धृतराष्ट्र ने उनसे ये प्रश्न पूछे।

Nepali

बाटोबाट थाकेका ती ऋषिश्रेष्ठलाई अर्घ्य दिएर तथा अन्य विधिहरू सम्पन्न गरेर सत्कार गरियो। त्यसपछि अम्बिकापुत्र राजा धृतराष्ट्रले उनीसँग यी प्रश्न सोधे।

dhritarashtra
Verse 9
Sanskrit

सुखेनागमनं कच्चिद् भगवन् कुरुजाङ्गलान्। कच्चित् कुशलिनो वीरा भ्रातरः पञ्च पाण्डवाः॥

English

Dhritarashtra said: O illustrious one, has your journey from the Kurujangal been a pleasant one? Are the heroes, the five Pandava brothers, living happily (there)?

Hindi

धृतराष्ट्र ने कहा — हे भगवन्, कुरुजांगल से आपकी यात्रा सुखद रही? क्या वे वीर, पाँचों पाण्डव भ्राता, (वहाँ) सुखपूर्वक रह रहे हैं?

Nepali

धृतराष्ट्रले भने — हे भगवन्, कुरुजाङ्गलबाट तपाईंको यात्रा सुखद रह्यो? के ती वीर, पाँचै पाण्डव दाजुभाइ, (त्यहाँ) सुखपूर्वक बसिरहेका छन्?

Verse 10
Sanskrit

समये स्थातुमिच्छन्ति कच्चिच्च भरतर्षभाः। कच्चित् कुरूणां सौभ्रात्रमव्युच्छिन्नं भविष्यति॥

English

Do those foremost (heroes) of the Kuru race intend to pass all the time (they have pledged?) Will the brotherly affection of the Kurus remain unimpaired?

Hindi

क्या कुरुवंश के वे श्रेष्ठ (वीर) प्रतिज्ञात समस्त अवधि पूरी करने का विचार रखते हैं? क्या कुरुओं का भ्रातृस्नेह अक्षुण्ण बना रहेगा?

Nepali

के कुरुवंशका ती श्रेष्ठ (वीर)हरूले प्रतिज्ञा गरिएको सम्पूर्ण अवधि पूरा गर्ने विचार राख्छन्? के कुरुहरूको भ्रातृस्नेह अक्षुण्ण रहनेछ?

yudhishthira
Verse 11
Sanskrit

मैत्रेय उवाच तीर्थयात्रामनुकामन् प्राप्तोऽस्मि कुरुजाङ्गलान्। यदृच्छयाधर्मराजं दृष्टवान् काम्यके वने॥

English

Maitreya said : Setting out on a pilgrimage, I arrived at the Kurujangala. I suddenly met there Dharmaraja (Yudhishthira) in the forest of Kamyaka.

Hindi

मैत्रेय ने कहा — तीर्थयात्रा पर निकलकर मैं कुरुजांगल पहुँचा। वहाँ काम्यक वन में मेरी अकस्मात् धर्मराज (युधिष्ठिर) से भेंट हो गई।

Nepali

मैत्रेयले भने — तीर्थयात्रामा निस्केर म कुरुजाङ्गल पुगेँ। त्यहाँ काम्यक वनमा मेरो अकस्मात् धर्मराज (युधिष्ठिर)सँग भेट भयो।

Verse 12
Sanskrit

तं जटाजिनसंवीतं तपोवननिवासिनम्। समाजग्मुर्महात्मानं द्रष्टुं मुनिगणाः प्रभो॥

English

Attiring himself in deer skin and wearing matted locks, he is living in the forest in asceticism. O lord, many Rishis have assembled there to see him.

Hindi

मृगचर्म धारण किए और जटा बाँधे वे वन में तपस्यापूर्वक रह रहे हैं। हे भगवन्, उनके दर्शन के लिए वहाँ अनेक ऋषि एकत्र हुए हैं।

Nepali

मृगछाला धारण गरेर र जटा बाँधेर उनी वनमा तपस्यापूर्वक बसिरहेका छन्। हे भगवन्, उनको दर्शनका लागि त्यहाँ अनेक ऋषि जम्मा भएका छन्।

Verse 13
Sanskrit

तत्राश्रौषं महाराज पुत्राणां तव विभ्रमम्। अनयं द्यूतरूपेण महाभयमुपस्थितम्॥

English

O great king, it was there that I heard of the grave errors that your sons liave committed and also of the approaching) calamity and fearful danger that have arisen from gambling.

Hindi

हे महाराज, वहीं मैंने आपके पुत्रों द्वारा किए गए गम्भीर अपराधों के विषय में सुना, तथा द्यूत से उत्पन्न (आसन्न) विपत्ति और भयंकर संकट के विषय में भी।

Nepali

हे महाराज, त्यहीँ मैले तपाईंका पुत्रहरूद्वारा गरिएका गम्भीर अपराधका विषयमा सुनेँ, तथा द्यूतबाट उत्पन्न (आसन्न) विपत्ति र भयङ्कर सङ्कटको विषयमा पनि।

Verse 14
Sanskrit

कौरवाणामवेक्षया। सदा ह्यभ्यधिकः स्नेहः प्रीतिश्च त्वयि मे प्रभो॥

English

Therefore, I have come to you for the good of the Kurus. O lord, my affection for you is great and I am always pleased with you.

Hindi

अतः मैं कुरुओं के हित के लिए आपके पास आया हूँ। हे भगवन्, आपके प्रति मेरा स्नेह महान् है और मैं आपसे सदा प्रसन्न रहता हूँ।

Nepali

त्यसैले म कुरुहरूको हितका लागि तपाईंकहाँ आएको छु। हे भगवन्, तपाईंप्रति मेरो स्नेह महान् छ र म तपाईंसँग सधैँ प्रसन्न रहन्छु।

bhishma
Verse 15
Sanskrit

ततोऽहं त्वामनुप्राप्तः नैतदौपयिकं राजंस्त्वयि भीष्मे च जीवति। यदन्योन्येन ते पुत्रा विरुध्यन्ते कथंचन॥

English

O king, when yourself and Bhishma are (still) alive, it is not proper that your sons should quarrel amongst themselves.

Hindi

हे राजन्, जब आप स्वयं और भीष्म (अभी) जीवित हैं, तब यह उचित नहीं कि आपके पुत्र आपस में कलह करें।

Nepali

हे राजन्, जब तपाईं स्वयं र भीष्म (अझै) जीवित हुनुहुन्छ, तब यो उचित होइन कि तपाईंका पुत्रहरूले आपसमा कलह गरून्।

Verse 16
Sanskrit

मेढीभूतः स्वयं राजन् निग्रहे प्रग्रहे भवान्। किमर्थमनयं घोरमुत्पद्यन्तमुपेक्षसे॥

English

O king, you are (as it were) the stake at which bulls are tied. You are competent to punish and reward. Why do you then overlook this great evil that is about to overtake all?

Hindi

हे राजन्, आप (मानो) वह खूँटा हैं जिससे बैल बाँधे जाते हैं। आप दण्ड देने और पुरस्कार देने — दोनों में समर्थ हैं। फिर आप इस महान् अनर्थ की उपेक्षा क्यों करते हैं, जो सब पर आ पड़ने वाला है?

Nepali

हे राजन्, तपाईं (मानौँ) त्यो किला हुनुहुन्छ जसमा गोरुहरू बाँधिन्छन्। तपाईं दण्ड दिन र पुरस्कार दिन — दुवैमा समर्थ हुनुहुन्छ। अनि तपाईं यस महान् अनर्थको उपेक्षा किन गर्नुहुन्छ, जो सबैमाथि आइपर्न लागेको छ?

Verse 17
Sanskrit

दस्यूनामिव यद् वृत्तं सभायां कुरुनन्दन। तेन न भ्राजसे राजस्तापसानां समागमे॥

English

O descendant of Kuru, O king, as these wrongs have been perpetrated in your Sabha, wrongs that are like the acts of thieves, you cannot shine in the assembly of ascetics.

Hindi

हे कुरुवंशी, हे राजन्, आपकी सभा में जो अन्याय किए गए हैं — ऐसे अन्याय जो चोरों के कर्मों के समान हैं — उनके कारण आप तपस्वियों की सभा में शोभा नहीं पा सकते।

Nepali

हे कुरुवंशी, हे राजन्, तपाईंको सभामा जुन अन्याय गरिएका छन् — यस्ता अन्याय जो चोरहरूका कर्मजस्तै छन् — तिनका कारण तपाईं तपस्वीहरूको सभामा शोभा पाउन सक्नुहुन्न।

duryodhana
Verse 18
Sanskrit

वैशम्पायन उवाच ततो व्यावृत्य राजानं दुर्योधनममर्षणम्। उवाच श्लक्ष्णया वाचा मैत्रेयो भगवानृषिः॥

English

Vaishampayana said : Thereupon turning to the angry Duryodhana, the illustrious Rishi Maitreya spoke to him thus in soft words.

Hindi

वैशम्पायन ने कहा — तत्पश्चात् क्रुद्ध दुर्योधन की ओर मुड़कर यशस्वी ऋषि मैत्रेय ने उससे मृदु वचनों में इस प्रकार कहा।

Nepali

वैशम्पायनले भने — त्यसपछि क्रुद्ध दुर्योधनतर्फ फर्केर यशस्वी ऋषि मैत्रेयले उसलाई मृदु वचनमा यसरी भने।

duryodhana
Verse 19
Sanskrit

मैत्रेय उवाच दुर्योधन महाबाहो निबोध वदतां वर। वचनं मे महाभाग ब्रुवतो यद्धितं तव॥

English

Maitreya said : O mighty-armed Duryodhana, O best of all eloquent me.l, O blessed one, listen to the words I utter for your good.

Hindi

मैत्रेय ने कहा — हे महाबाहु दुर्योधन, हे समस्त वक्ताओं में श्रेष्ठ, हे भद्र, मैं तुम्हारे हित के लिए जो वचन कह रहा हूँ, उन्हें सुनो।

Nepali

मैत्रेयले भने — हे महाबाहु दुर्योधन, हे सम्पूर्ण वक्ताहरूमा श्रेष्ठ, हे भद्र, म तिम्रो हितका लागि जुन वचन भन्दै छु, ती सुन।

Verse 20
Sanskrit

मा दुहः पाण्डवान् राजन् कुरुष्व प्रियमात्मनः। पाण्डवानां कुरूणां च लोकस्य च नरर्षभ॥

English

O king, do not quarrel with the Pandavas. O best of men, thus accomplish the good of your own, of the Pandavas, of the Kurus and of all the world.

Hindi

हे राजन्, पाण्डवों से कलह मत करो। हे नरश्रेष्ठ, इस प्रकार अपना, पाण्डवों का, कुरुओं का तथा समस्त जगत् का कल्याण करो।

Nepali

हे राजन्, पाण्डवहरूसँग कलह नगर। हे नरश्रेष्ठ, यसरी आफ्नो, पाण्डवहरूको, कुरुहरूको तथा सम्पूर्ण जगत्‌को कल्याण गर।

Verse 21
Sanskrit

ते हि सर्वे नरव्याघ्राः शूरा विक्रान्तयोधिनः। सर्वे नागायुतप्राणा वज्रसंहनना दृढाः॥

English

All these foremost of men (the Pandavas) are heroes of great prowess in war. They are endued with strength of ten thousand elephants; their bodies are as hard as the thunder.

Hindi

ये समस्त नरश्रेष्ठ (पाण्डव) युद्ध में महान् पराक्रम वाले वीर हैं। वे दस सहस्र हाथियों के बल से युक्त हैं; उनके शरीर वज्र के समान कठोर हैं।

Nepali

यी सम्पूर्ण नरश्रेष्ठ (पाण्डवहरू) युद्धमा महान् पराक्रम भएका वीर हुन्। तिनीहरू दश हजार हात्तीको बलले युक्त छन्; तिनीहरूका शरीर वज्रजस्तै कठोर छन्।

hidimba
Verse 22
Sanskrit

सत्यव्रतधराः सर्वे सर्वे पुरुषमानिनः। हन्तारो देवशत्रूणां रक्षसां कामरूपिणाम्॥ हिडिम्बबकमुख्यानां किर्मीरस्य च रक्षसः।

English

They are all truthful and proud of their manliness. They have killed the enemies of the celestials, the Rakshasas, who are able to assume.any from at will. (The Rakshasas) such as were headed by Hidimba, Baka and Kirmira.

Hindi

वे सब सत्यवादी हैं और अपने पौरुष पर गर्व करते हैं। उन्होंने देवताओं के शत्रु उन राक्षसों का वध किया है जो इच्छानुसार कोई भी रूप धारण करने में समर्थ थे — हिडिम्ब, बक और किर्मीर जैसे (राक्षस), जो उनके प्रमुख थे।

Nepali

तिनीहरू सबै सत्यवादी छन् र आफ्नो पौरुषमा गर्व गर्छन्। तिनीहरूले देवताहरूका शत्रु ती राक्षसहरूको वध गरेका छन् जो इच्छाअनुसार जुनसुकै रूप धारण गर्न समर्थ थिए — हिडिम्ब, बक र किर्मीरजस्ता (राक्षस), जो तिनीहरूका प्रमुख थिए।

krishna bhima jarasandha
Verse 23
Sanskrit

इतः प्रद्रवतां रात्रौ यः स तेषां महात्मनाम्॥ आवृत्य मार्ग रौद्रात्मा तस्थौ गिरिरिवाचलः। तं भीमः समरश्लाघी बलेन बलिनां वरः॥ जघान पशुमारेण व्याघ्रः क्षुद्रमृगं यथा। पश्य दिग्विजये राजन् यथा भीमेन पातितः॥ जरासंधो महेष्वासो नागायुतबलो युधि। सम्बन्धी वासुदेवश्च श्याला: सर्वे च पार्षताः॥

English

When departing from this place, he (Kirmira) of fearful soul obstructed in the night the path of those high-souled ones like an immovable hill, that foremost of all strong men, Bhima, ever delighting in fight. Killed him like a beast, as a tiger kills a small deer. O king, see how Bhima, when out for conquest, killed. The great bow-man Jarasandha who possessed the strength of ten thousand elephants. Related (as they are) with Vasudeva (Krishna) and having sons of Prishata (Draupada) as their brother-in-law.

Hindi

यहाँ से प्रस्थान करते समय उस भयंकर आत्मा वाले (किर्मीर) ने रात्रि में उन महात्माओं का मार्ग एक अचल पर्वत के समान रोक लिया; किन्तु समस्त बलवानों में श्रेष्ठ, युद्ध में सदा रमने वाले भीम ने उसे वैसे ही मार डाला जैसे व्याघ्र किसी छोटे मृग को मारता है। हे राजन्, देखिए — विजय के लिए निकले हुए भीम ने उस महान् धनुर्धर जरासन्ध का, जो दस सहस्र हाथियों के बल से युक्त था, किस प्रकार वध किया। और (वे पाण्डव तो) वासुदेव (कृष्ण) के सम्बन्धी हैं तथा पृषतवंशी (द्रुपद) के पुत्र उनके साले हैं।

Nepali

यहाँबाट प्रस्थान गर्दा त्यस भयङ्कर आत्मा भएका (किर्मीर)ले रातमा ती महात्माहरूको मार्ग एउटा अचल पर्वतझैँ रोकिदियो; तर सम्पूर्ण बलवान्‌हरूमा श्रेष्ठ, युद्धमा सधैँ रमाउने भीमले उसलाई त्यसै गरी मारे जसरी बाघले कुनै सानो मृगलाई मार्छ। हे राजन्, हेर्नुहोस् — विजयका लागि निस्केका भीमले त्यस महान् धनुर्धर जरासन्धको, जो दश हजार हात्तीको बलले युक्त थियो, कसरी वध गरे। र (ती पाण्डवहरू त) वासुदेव (कृष्ण)का सम्बन्धी हुन् तथा पृषतवंशी (द्रुपद)का पुत्र तिनीहरूका सालो हुन्।

Verse 24
Sanskrit

कस्तान् युधि समासीत जरामरणवान् नरः। तस्य ते शम एवास्तु पाण्डवैर्भरतर्षभ॥ कुरु मे वचनं राजन् मा मन्युवशमन्वगाः।

English

Who is there such a hero who being subject to old age and death will cope with them? O best of the Bharata race, let there be peace between you and the Pandavas. Follow my advice; surrender not yourself to danger.

Hindi

ऐसा कौन वीर है जो जरा और मृत्यु के अधीन होकर भी उनका सामना कर सके? हे भरतवंशश्रेष्ठ, तुम्हारे और पाण्डवों के बीच शान्ति हो। मेरी सलाह मानो; अपने को संकट में मत डालो।

Nepali

यस्तो कुन वीर छ जो जरा र मृत्युको अधीनमा रहेर पनि तिनीहरूको सामना गर्न सकोस्? हे भरतवंशश्रेष्ठ, तिम्रो र पाण्डवहरूको बीचमा शान्ति होस्। मेरो सल्लाह मान; आफूलाई सङ्कटमा नपार।

duryodhana
Verse 25
Sanskrit

वैशम्पायन उवाच एवं तु ब्रुवतस्तस्य मैत्रेयस्य विशाम्पते॥ ऊरूं गजकराकारं करेणाभिजधान सः। दुर्योधनः स्मितं कृत्वा चरणेनोल्लिखन् महीम्॥

English

Vaishampayana said : O king, having been thus addressed by Maitreya, Duryodhana slapped his thigh which resembled the trunk of an elephant and he then smilingly began to scratch the ground with his foot.

Hindi

वैशम्पायन ने कहा — हे राजन्, मैत्रेय के इस प्रकार कहने पर दुर्योधन ने हाथी की सूँड़ के समान अपनी जाँघ पर थपकी दी और फिर मुस्कराते हुए पैर से भूमि कुरेदने लगा।

Nepali

वैशम्पायनले भने — हे राजन्, मैत्रेयले यसरी भनेपछि दुर्योधनले हात्तीको सुँडजस्तै आफ्नो तिघ्रामा थपथपायो र त्यसपछि मुस्कुराउँदै खुट्टाले भूमि कोतर्न थाल्यो।

duryodhana
Verse 26
Sanskrit

न किंचिदुक्त्वा दुर्मेधास्तस्थौ किंचिदवाङ्मुखः तमशुश्रूषमाणं तु विलिखन्तं वसुंधराम्॥ दृष्ट्वा दुर्योधनं राजन् मैत्रेयं कोप आविशत्। स कोपवशमापनो मैत्रेयो मुनिसत्तमः॥

English

That wicked wretch (Duryodhana) did not speak a word, but he hung down his head. O king, seeing Duryodhana thus offer an insult to him by silently scratching the earth (by his foot), Maitreya became angry. That best of Rishis, Maitreya, overwhelmed with anger.

Hindi

उस दुष्ट अधम (दुर्योधन) ने एक शब्द भी नहीं कहा, केवल अपना सिर झुका लिया। हे राजन्, दुर्योधन को इस प्रकार मौन रहकर (पैर से) पृथ्वी कुरेदते हुए अपना अपमान करते देखकर मैत्रेय क्रुद्ध हो उठे। वे ऋषिश्रेष्ठ मैत्रेय क्रोध से अभिभूत हो गए।

Nepali

त्यस दुष्ट अधम (दुर्योधन)ले एक शब्द पनि भनेन, केवल आफ्नो शिर निहुरायो। हे राजन्, दुर्योधनलाई यसरी मौन रहेर (खुट्टाले) पृथ्वी कोतर्दै आफ्नो अपमान गरिरहेको देखेर मैत्रेय क्रुद्ध भए। ती ऋषिश्रेष्ठ मैत्रेय क्रोधले अभिभूत भए।

dhritarashtra
Verse 27
Sanskrit

विधिना सम्प्रणुदितः शापायास्य मनो दधे। ततः स वार्युपस्पृश्य कोपसंरक्तलोचनः। मैत्रेयोधार्तराष्ट्रं तमशपद् दुष्टचेतसम्॥ यस्मात् त्वं मामनादृत्य नेमां वाचं चिकीर्षसि। तस्मादस्याभिमानस्य सद्यः फलमवाप्नुहि॥

English

And, as if commissioned by fate set his mind to curse him. Thereupon touching water and with eyes red in anger. Maitreya cursed the evil-minded son of Dhritarashtra, saying, "Since slighting my words you decline to follow my advice, you shall soon reap the fruit of your this insolence.

Hindi

और मानो दैव से प्रेरित होकर उन्होंने उसे शाप देने का मन बना लिया। तत्पश्चात् जल का स्पर्श करके और क्रोध से नेत्र लाल किए हुए मैत्रेय ने धृतराष्ट्र के उस दुर्बुद्धि पुत्र को शाप देते हुए कहा — "चूँकि मेरे वचनों का तिरस्कार करके तुम मेरी सलाह मानने से इनकार करते हो, इसलिए तुम शीघ्र ही अपने इस उद्धत आचरण का फल भोगोगे।

Nepali

र मानौँ दैवबाट प्रेरित भई उनले उसलाई शाप दिने मन बनाए। त्यसपछि जल स्पर्श गरेर र क्रोधले नेत्र रातो पारेर मैत्रेयले धृतराष्ट्रका त्यस दुर्बुद्धि पुत्रलाई शाप दिँदै भने — "किनभने मेरा वचनको तिरस्कार गरेर तिमी मेरो सल्लाह मान्न अस्वीकार गर्छौ, त्यसैले तिमीले चाँडै नै आफ्नो यस उद्दण्ड आचरणको फल भोग्नेछौ।

bhima
Verse 28
Sanskrit

त्वदभिद्रोहसंयुक्तं युद्धमुत्पत्स्यते महत्। तत्र भीमो गदाधातैस्तवोरुं भेत्स्यते बली॥

English

In the great war which will spring out of the wrongs perpetrated by you (on the Pandavas) the mighty Bhima shall smash your that thigh with a blow of his club.

Hindi

तुम्हारे द्वारा (पाण्डवों पर) किए गए अन्यायों से जो महायुद्ध उत्पन्न होगा, उसमें महाबली भीम अपनी गदा के प्रहार से तुम्हारी उसी जाँघ को चूर-चूर कर देगा।"

Nepali

तिमीद्वारा (पाण्डवहरूमाथि) गरिएका अन्यायबाट जुन महायुद्ध उत्पन्न हुनेछ, त्यसमा महाबली भीमले आफ्नो गदाको प्रहारले तिम्रो त्यही तिघ्रा चूरचूर पारिदिनेछ।"

dhritarashtra
Verse 29
Sanskrit

इत्येवमुक्ते वचनेधृतराष्ट्रो महीपतिः। प्रसादयामास मुनि नैतदेवं भवेदिति॥

English

When the Rishi had thus spoken, the ruler of earth, Dhritarashtra, began to gratify the Rishi, so that what he had said may not happen.

Hindi

ऋषि के इस प्रकार कहने पर पृथ्वीपति धृतराष्ट्र उन ऋषि को प्रसन्न करने लगे, जिससे उनका कहा हुआ न घटित हो।

Nepali

ऋषिले यसरी भनेपछि पृथ्वीपति धृतराष्ट्रले ती ऋषिलाई प्रसन्न पार्न थाले, जसले गर्दा उनको भनाइ घटित नहोस्।

Verse 30
Sanskrit

मैत्रेय उवाच शमं यास्यति चेत् पुत्रस्तव राजन् यदा तदा। शापो न भविता तात विपरीते भविष्यति॥ मैत्रेयं प्राह

English

Maitreya said : O king, if your son make peace (with the Pandavas) then, O child, my curse will not take effect. Otherwise it would.

Hindi

मैत्रेय ने कहा — हे राजन्, यदि तुम्हारा पुत्र (पाण्डवों से) सन्धि कर ले, तो हे वत्स, मेरा शाप फलित नहीं होगा। अन्यथा वह अवश्य फलेगा।

Nepali

मैत्रेयले भने — हे राजन्, यदि तिम्रो पुत्रले (पाण्डवहरूसँग) सन्धि गर्‍यो भने, हे वत्स, मेरो शाप फलित हुनेछैन। अन्यथा त्यो अवश्य फल्नेछ।

dhritarashtra duryodhana bhima
Verse 31
Sanskrit

वैशम्पायन उवाच विलक्षयंस्तु राजेन्द्रो दुर्योधनपिता तदा। किर्मीरः कथं भीमेन पातितः॥

English

Vaishampayana said : The king of kings, the father of Duryodhana (Dhritarashtra), thus averting the curse, asked Maitreya (to tell him) how Kirmira had been kiiled by Bhima.

Hindi

वैशम्पायन ने कहा — राजाधिराज दुर्योधन के पिता (धृतराष्ट्र) ने इस प्रकार शाप को टालकर मैत्रेय से पूछा कि भीम ने किर्मीर का वध किस प्रकार किया था।

Nepali

वैशम्पायनले भने — राजाधिराज दुर्योधनका पिता (धृतराष्ट्र)ले यसरी शाप टारेर मैत्रेयलाई सोधे कि भीमले किर्मीरको वध कसरी गरेका थिए।

vidura
Verse 32
Sanskrit

मैत्रेय उवाच नाहं वक्ष्यामि ते भूयो न ते सुश्रूषते सुतः। एष ते विदुरः सर्वमाख्यास्यति गते मयि॥

English

Maitreya said: I shall not again speak to you as my words are not accepted by your son. When I shall go away. Vidura will tell you all.

Hindi

मैत्रेय ने कहा — मैं तुमसे और नहीं कहूँगा, क्योंकि मेरे वचन तुम्हारे पुत्र द्वारा स्वीकार नहीं किए जाते। जब मैं चला जाऊँगा, तब विदुर तुम्हें सब कुछ बता देंगे।

Nepali

मैत्रेयले भने — म तिमीलाई अब भन्दिनँ, किनभने मेरा वचन तिम्रो पुत्रद्वारा स्वीकार गरिँदैनन्। जब म गइसक्नेछु, तब विदुरले तिमीलाई सबै कुरा बताउनेछन्।

duryodhana
Verse 33
Sanskrit

वैशम्पायन उवाच इत्येवमुक्त्वा मैत्रेयः प्रातिष्ठत यथाऽऽगतम्। किर्मीरवधसंविग्नो बहिर्दुर्योधनो ययौ॥

English

Vaishampayana said : Having said this, Maitreya went away whence he came. Duryodhana (also) went away much agitated by the thought of the death of Kirmira.

Hindi

वैशम्पायन ने कहा — यह कहकर मैत्रेय जहाँ से आए थे वहीं लौट गए। दुर्योधन भी किर्मीर के वध के विचार से अत्यन्त विचलित होकर चला गया।

Nepali

वैशम्पायनले भने — यसो भनेर मैत्रेय जहाँबाट आएका थिए त्यहीँ फर्केर गए। दुर्योधन पनि किर्मीरको वधको विचारले अत्यन्त विचलित भई गयो।