Chapter 142

Jatugriha Parva — Consultation of Duryodhana

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dhritarashtra shakuni dushasana duryodhana
Verse 1
Sanskrit

वैशम्पायन उवाच एवं श्रुत्वा तु पुत्रस्य प्रज्ञाचक्षुर्नराधिपः। कणिकस्य च वाक्यानि तानि श्रुत्वा स सर्वशः॥ धृतराष्ट्रो द्विधाचित्तः शोकार्तः समपद्यत। दुर्योधनश्च कर्णश्च शकुनिः सौबलस्तथा॥ दुःशासनचतुर्थास्ते मन्त्रयामासुरेकतः। ततो दुर्योधनो राजा धृतराष्ट्रमभाषत॥

English

Vaishampayana said: Having heard these words of his son and also all that Kanika had said, the king possessed of the eye of knowledge. Dhritarashtra, became afflicted with sorrow and his mind was full of misgivings. Then Duryodhana, Karna, the son of Subala Sakuni. Dushasana, these four held a consultation together. Then Duryodhana spoke thus to the king Dhritarashtra.

Hindi

वैशम्पायन ने कहा — अपने पुत्र के ये वचन और कणिक ने जो कुछ कहा था वह सब सुनकर ज्ञान के नेत्र से सम्पन्न राजा धृतराष्ट्र शोक से पीड़ित हो गए और उनका मन आशंकाओं से भर गया। तब दुर्योधन, कर्ण, सुबल के पुत्र शकुनि और दुःशासन — इन चारों ने मिलकर परामर्श किया। तब दुर्योधन ने राजा धृतराष्ट्र से इस प्रकार कहा —

Nepali

वैशम्पायनले भने — आफ्ना पुत्रका यी वचन र कणिकले जे भनेका थिए त्यो सबै सुनेर ज्ञानको आँखाले सम्पन्न राजा धृतराष्ट्र शोकले पीडित भए र उनको मन आशङ्काले भरियो। तब दुर्योधन, कर्ण, सुबलका पुत्र शकुनि र दुःशासन — यी चारैले मिलेर परामर्श गरे। तब दुर्योधनले राजा धृतराष्ट्रलाई यसरी भन्यो —

Verse 2
Sanskrit

पाण्डवेभ्यो भयं न स्यात् तान् विवासयतां भवान्। निपुणेनाभ्युपायेन नगरं वारणावतम्॥

English

"Send the Pandavas by some contrivance to the city of Varanavata. Then we will have no fear of them."

Hindi

"पाण्डवों को किसी उपाय से वारणावत नगर भेज दीजिए। तब हमें उनसे कोई भय नहीं रहेगा।"

Nepali

"पाण्डवहरूलाई कुनै उपायले वारणावत नगर पठाइदिनुहोस्। तब हामीलाई तिनीहरूबाट कुनै भय रहनेछैन।"

dhritarashtra duryodhana
Verse 3
Sanskrit

धृतराष्ट्रस्तु पुत्रेण श्रुत्वा वचनमीरितम्। मुहूर्तमिव संचिन्त्य दुर्योधनमथाब्रवीत्॥

English

Dhritarashtra having heard these words of his son, reflected for a moment and then spoke to Duryodhana thus-

Hindi

अपने पुत्र के ये वचन सुनकर धृतराष्ट्र ने क्षण भर विचार किया और तब दुर्योधन से इस प्रकार कहा —

Nepali

आफ्ना पुत्रका यी वचन सुनेर धृतराष्ट्रले क्षणभर विचार गरे र तब दुर्योधनलाई यसरी भने —

dhritarashtra
Verse 4 धृतराष्ट्र उवाच · Dhritarashtra asks
Sanskrit

धृतराष्ट्र उवाच धर्मनित्यः सदा पाण्डुस्तथा धर्मपरायणः। सर्वेषु ज्ञातिषु तथा मयि त्वासीद् विशेषतः॥

English

Dhritarashtra said : "Pandu was ever devoted to virtue; he always behaved dutifully towards all his relatives but particularly towards me.

Hindi

धृतराष्ट्र ने कहा — "पाण्डु सदा धर्म के प्रति समर्पित रहे; वे अपने समस्त सम्बन्धियों के प्रति सदा कर्तव्यनिष्ठ रहे, किन्तु विशेषकर मेरे प्रति।

Nepali

धृतराष्ट्रले भने — "पाण्डु सदा धर्मप्रति समर्पित रहे; उनी आफ्ना सम्पूर्ण आफन्तप्रति सदा कर्तव्यनिष्ठ रहे, तर विशेष गरी मप्रति।

Verse 5
Sanskrit

नासौ किंचिद् विजानाति भोजानादि चिकीर्षितम्। निवेदयति नित्यं हि मम राज्यं धृतव्रतः॥

English

He cared not for food or dress or the enjoyments of the world, he was devoted to me and gave me everything even the kingdom.

Hindi

उन्होंने भोजन, वस्त्र अथवा संसार के भोगों की चिन्ता नहीं की; वे मेरे प्रति समर्पित थे और उन्होंने मुझे सब कुछ दे दिया — राज्य तक।

Nepali

उनले भोजन, वस्त्र अथवा संसारका भोगको चिन्ता गरेनन्; उनी मप्रति समर्पित थिए र उनले मलाई सबै कुरा दिए — राज्यसमेत।

Verse 6
Sanskrit

तस्य पुत्रो यथा पाण्डुस्तथा धाईपरायणः। गुणवाँल्लोकविख्यातः पौरवाणां सुसम्मतः॥

English

His son (Yudhisthira) is as much devoted to virtue as he was; he is possessed of every accomplishment; he is illustrious; he is the favourite of the people. sons

Hindi

उनका पुत्र (युधिष्ठिर) भी उनके ही समान धर्म के प्रति समर्पित है; वह प्रत्येक गुण से सम्पन्न है; वह यशस्वी है; वह प्रजा का प्रिय है।

Nepali

उनको पुत्र (युधिष्ठिर) पनि उनैजस्तै धर्मप्रति समर्पित छ; ऊ प्रत्येक गुणले सम्पन्न छ; ऊ यशस्वी छ; ऊ प्रजाको प्रिय छ।

Verse 7
Sanskrit

ते स कथं शक्यतेऽस्माभिरपाकर्तुं बलादितः। पितृपैतामहाद् राज्यात् ससहायो विशेषतः॥

English

How can we exile him by force from the kingdom of his fore-fathers, specially as he possesses allies?

Hindi

हम उसे अपने पूर्वजों के राज्य से बलपूर्वक कैसे निर्वासित कर सकते हैं, विशेषकर जब उसके सहयोगी भी हैं?

Nepali

हामीले उसलाई आफ्ना पूर्वजको राज्यबाट बलपूर्वक कसरी निर्वासित गर्न सक्छौँ, विशेष गरी जब उसका सहयोगी पनि छन्?

Verse 8
Sanskrit

भृता हि पाण्डुनामात्या बलं च सततं भृतम्। भृताः पुत्राश्च पौत्राश्च तेषामपि विशेषतः॥

English

The counsellors and the soldiers and their and grandsons, all were specially cherished and maintained by Pandu.

Hindi

मन्त्रियों और सैनिकों तथा उनके पुत्रों और पौत्रों — सबका पाण्डु ने विशेष रूप से पालन और भरण-पोषण किया था।

Nepali

मन्त्री र सैनिक तथा तिनका पुत्र र नाति — सबैको पाण्डुले विशेष रूपले पालन र भरणपोषण गरेका थिए।

Verse 9
Sanskrit

पुरा सत्कृतास्तात पाण्डुना नागरा जनाः। कथं युधिष्ठिरस्यार्थे न नो हन्युः सबान्धवान्॥

English

They being thus formerly benefited by Pandu, O son, why should not the people of the city kill us all with our relatives and friends for the sake of Yudhisthira?

Hindi

पूर्वकाल में पाण्डु द्वारा इस प्रकार उपकृत होने के कारण, हे पुत्र, नगर के लोग युधिष्ठिर के लिए हमें हमारे सम्बन्धियों और मित्रों सहित क्यों न मार डालेंगे?

Nepali

पूर्वकालमा पाण्डुद्वारा यसरी उपकृत भएका कारण, हे पुत्र, नगरका मानिसहरूले युधिष्ठिरका लागि हामीलाई हाम्रा आफन्त र मित्रहरूसहित किन नमारून्?

duryodhana
Verse 10
Sanskrit

दुर्योधन उवाच एवमेतन्मया तात भावितं दोषमात्मनि। दृष्ट्वा प्रकृतयः सर्वा अर्थमानेन पूजिताः॥

English

Duryodhana said : O father, what you say is perfectly true. (But) on account of the evil that is likely in store for us in the future, we think we must conciliate the people by bestowing wealth and honours.

Hindi

दुर्योधन ने कहा — हे पिता, आप जो कहते हैं वह पूर्णतः सत्य है। (किन्तु) भविष्य में हमारे लिए जो अनिष्ट सम्भावित है, उसे देखते हुए मेरा विचार है कि हमें धन और सम्मान देकर प्रजा को अपने पक्ष में करना चाहिए।

Nepali

दुर्योधनले भन्यो — हे पिता, तपाईं जे भन्नुहुन्छ त्यो पूर्णतः सत्य हो। (तर) भविष्यमा हाम्रा लागि जुन अनिष्ट सम्भावित छ, त्यो हेर्दा मेरो विचार छ कि हामीले धन र सम्मान दिएर प्रजालाई आफ्नो पक्षमा पार्नुपर्छ।

Verse 11
Sanskrit

ध्रुवमस्मत्सहायास्ते भविष्यन्ति प्रधानतः। अर्थवर्गः सहामात्यो मत्संस्थोऽद्य महीपते॥

English

Thus they would surely side with us for this proof of our power. O king, the ministers and the treasury are now under our control.

Hindi

इस प्रकार वे हमारी शक्ति के इस प्रमाण से निश्चय ही हमारा पक्ष लेंगे। हे राजन्, मन्त्री और कोष अब हमारे अधीन हैं।

Nepali

यसरी तिनीहरू हाम्रो शक्तिको यस प्रमाणले निश्चय नै हाम्रो पक्ष लिनेछन्। हे राजन्, मन्त्री र कोष अब हाम्रो अधीनमा छन्।

Verse 12
Sanskrit

स भवान् पाण्डवानाशु विवासयितुमर्हति। मृदुनैवाभ्युपायेन नगरं वारणावतम्॥

English

Therefore, you should banish the Pandavas to the city of Varanavata by some gentle means.

Hindi

इसलिए आपको पाण्डवों को किसी कोमल उपाय से वारणावत नगर भेज देना चाहिए।

Nepali

त्यसैले तपाईंले पाण्डवहरूलाई कुनै कोमल उपायले वारणावत नगर पठाइदिनुपर्छ।

kunti
Verse 13
Sanskrit

यदा प्रतिष्ठितं राज्यं मयि राजन् भविष्यति। तदा कुन्ती सहापत्या पुनरेष्यति भारत॥

English

O king, when I shall be instalied as king, then, O descendant of Bharata, Kunti with her son may again come back.

Hindi

हे राजन्, जब मैं राजा अभिषिक्त हो जाऊँगा, तब हे भरतवंशी, कुन्ती अपने पुत्रों सहित पुनः लौट आ सकती हैं।

Nepali

हे राजन्, जब म राजा अभिषिक्त हुनेछु, तब हे भरतवंशी, कुन्ती आफ्ना पुत्रहरूसहित पुनः फर्केर आउन सक्छिन्।

dhritarashtra duryodhana
Verse 14 धृतराष्ट्र उवाच · Dhritarashtra asks
Sanskrit

धृतराष्ट्र उवाच दुर्योधन ममाप्येतद्धदि सम्परिवर्तते। अभिप्रायस्य पापत्वान्नैवं तु विवृणोम्यहम्॥

English

Dhritarashtra said : O Duryodhana, this is the very thought that exists in my mind, but from its sinfulness, I could not give it out.

Hindi

धृतराष्ट्र ने कहा — हे दुर्योधन, यही विचार मेरे मन में भी है, किन्तु उसकी पापपूर्णता के कारण मैं उसे प्रकट नहीं कर सका।

Nepali

धृतराष्ट्रले भने — हे दुर्योधन, यही विचार मेरो मनमा पनि छ, तर त्यसको पापपूर्णताका कारण म त्यो व्यक्त गर्न सकिनँ।

vidura kunti bhishma drona
Verse 15
Sanskrit

न च भीष्मो न च द्रोणो न च क्षत्ता न गौतमः। विवास्यमानान् कौन्तेयाननुमंस्यन्ति कर्हिचित्॥

English

Neither Bhishma, nor Drona, nor Kshatta (Vidura), nor Gautama, (Kripa) will ever sanction the banishment of the sons of Kunti.

Hindi

न भीष्म, न द्रोण, न क्षत्ता (विदुर), न गौतम (कृप) — कोई भी कुन्ती के पुत्रों के निर्वासन का अनुमोदन कभी नहीं करेगा।

Nepali

न भीष्म, न द्रोण, न क्षत्ता (विदुर), न गौतम (कृप) — कसैले पनि कुन्तीका पुत्रहरूको निर्वासनको अनुमोदन कहिल्यै गर्नेछैन।

Verse 16
Sanskrit

समा हि कौरवेयाणां वयं ते चैव पुत्रक। नैते विषममिच्छेयुर्धर्मयुक्ता मनस्विनः॥

English

O son, in their eyes we (Kurus) and the Pandavas are equal. Those wise and virtuous men will make no difference between us,

Hindi

हे पुत्र, उनकी दृष्टि में हम (कुरु) और पाण्डव समान हैं। वे बुद्धिमान् और धर्मात्मा पुरुष हममें कोई भेद नहीं करेंगे।

Nepali

हे पुत्र, तिनको दृष्टिमा हामी (कुरु) र पाण्डवहरू समान छौँ। ती बुद्धिमान् र धर्मात्मा पुरुषहरूले हामीमा कुनै भेद गर्नेछैनन्।

bhishma
Verse 17
Sanskrit

ते वयं कौरवेयाणामेतेषां च महात्मनाम्। कथं न बध्यतां तात गच्छाम जगतस्तथा॥

English

O son, (if we do this), why should we not deserve death at the hands of the Kurus and of those illustrious men (Bhishma and others), nay of the whole world?

Hindi

हे पुत्र, (यदि हम ऐसा करें) तो हम कुरुओं के हाथों और उन यशस्वी पुरुषों (भीष्म आदि) के हाथों, अपितु समस्त संसार के हाथों मृत्यु के योग्य क्यों न होंगे?

Nepali

हे पुत्र, (यदि हामीले त्यसो गरौँ) त हामी कुरुहरूका हातबाट र ती यशस्वी पुरुष (भीष्म आदि) का हातबाट, अपितु सम्पूर्ण संसारका हातबाट मृत्युका योग्य किन नहोऔँ?

duryodhana bhishma drona
Verse 18
Sanskrit

दुर्योधन उवाच मध्यस्थः सततं भीष्मो द्रोणपुत्रो मयि स्थितः। यतः पुत्रस्ततो द्रोणो भविता नात्र संशयः॥

English

Duryodhana said : Bhishma is always neutral; the son of Droua (Ashvathama) is in my side. There is no doubt Drona will also be in that side in which his son will be.

Hindi

दुर्योधन ने कहा — भीष्म सदा तटस्थ रहते हैं; द्रोण का पुत्र (अश्वत्थामा) मेरे पक्ष में है। इसमें सन्देह नहीं कि द्रोण भी उसी पक्ष में होंगे जिसमें उनका पुत्र होगा।

Nepali

दुर्योधनले भन्यो — भीष्म सदा तटस्थ रहन्छन्; द्रोणका पुत्र (अश्वत्थामा) मेरो पक्षमा छन्। यसमा सन्देह छैन कि द्रोण पनि त्यसै पक्षमा हुनेछन् जसमा उनका पुत्र हुनेछन्।

drona kripa
Verse 19
Sanskrit

कृपः शारद्वतश्चैव यत एतौ ततो भवेत्। द्रोणं च भागिनेयं च न स त्यक्ष्यति कर्हिचित्॥

English

The son of Sharadvan, Kripa, will surely be on the side in which these two will be. He will never abandon Drona and his nephew (sister's son, Ashvathama).

Hindi

शरद्वान के पुत्र कृप निश्चय ही उसी पक्ष में होंगे जिसमें ये दोनों होंगे। वे द्रोण और अपने भानजे (बहन के पुत्र, अश्वत्थामा) को कभी नहीं छोड़ेंगे।

Nepali

शरद्वानका पुत्र कृप निश्चय नै त्यसै पक्षमा हुनेछन् जसमा यी दुवै हुनेछन्। उनले द्रोण र आफ्नो भान्जा (बहिनीका पुत्र, अश्वत्थामा) लाई कहिल्यै छाड्नेछैनन्।

vidura
Verse 20
Sanskrit

क्षत्तार्थबद्धस्त्वस्माकं प्रच्छन्नं संयतः परैः। न चैकः स समर्थोऽस्मान् पाण्डवार्थेऽधिबाधितुम्।२२॥

English

Kshatta (Vidura) is dependent on us for his livelihood, although he is covertly on the side of the enemy (the Pandavas). He alone can do us no harm, (even) if he sides the Pandavas.

Hindi

क्षत्ता (विदुर) अपनी जीविका के लिए हम पर निर्भर हैं, यद्यपि वे गुप्त रूप से शत्रु (पाण्डवों) के पक्ष में हैं। वे अकेले हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते, (चाहे) वे पाण्डवों का पक्ष लें।

Nepali

क्षत्ता (विदुर) आफ्नो जीविकाका लागि हामीमाथि निर्भर छन्, यद्यपि उनी गुप्त रूपले शत्रु (पाण्डवहरू) को पक्षमा छन्। उनले एक्लै हाम्रो केही बिगार्न सक्दैनन्, (चाहे) उनले पाण्डवहरूको पक्ष लिऊन्।

Verse 21
Sanskrit

स विस्रब्धः पाण्डुपुत्रान् सह मात्रा प्रवासय। वारणावतमद्यैव यथा यान्ति तथा कुरु॥

English

(Therefore) without any fear, exile the sons of Pandu with their mother to Varanavata. Take such steps as they may go there this very day.

Hindi

(इसलिए) निर्भय होकर पाण्डु के पुत्रों को उनकी माता सहित वारणावत निर्वासित कीजिए। ऐसे उपाय कीजिए कि वे आज ही वहाँ चले जाएँ।

Nepali

(त्यसैले) निर्भय भई पाण्डुका पुत्रहरूलाई तिनकी मातासहित वारणावत निर्वासित गर्नुहोस्। यस्ता उपाय गर्नुहोस् कि तिनीहरू आजै त्यहाँ जाऊन्।

Verse 22
Sanskrit

विनिद्रकरणं घोरं हृदि शल्यमिवार्पितम्। शोकपावकमुद्भूतं कर्मणैतेन नाशय॥

English

Extinguish by this act the grief that consumes me like a fire, that robs me of my sleep and that princes my heart like a terrible dart.

Hindi

इस कर्म से उस शोक को बुझा दीजिए जो मुझे अग्नि के समान भस्म कर रहा है, जो मेरी निद्रा हर लेता है और जो मेरे हृदय को भयंकर शल्य के समान बेधता है।

Nepali

यस कर्मले त्यस शोकलाई निभाइदिनुहोस् जसले मलाई अग्निजस्तै भस्म पारिरहेको छ, जसले मेरो निद्रा हरेको छ र जसले मेरो हृदयलाई भयंकर शल्यजस्तै घोच्छ।