संस्कृत
यदि किञ्चिदतिक्रान्तं विश्वासात्प्रणयेन वा। प्रेष्यस्य क्षमितव्यं मे न कश्चिन्नापराध्यति।।4.36.11।।
अंग्रेज़ी
'If I have committed even a little transgression in my faith in Rama or affection for him and exceeded the time limit, my mistakes are to be excused as one would pardons a servant. No one is flawless in the world.'
हिन्दी
'यदि राम के प्रति अपनी निष्ठा अथवा स्नेह में मुझसे थोड़ी भी चूक हुई हो और मैंने समय की सीमा लाँघी हो, तो मेरी भूलें वैसे ही क्षमा की जाएँ जैसे कोई सेवक को क्षमा करता है। संसार में कोई निर्दोष नहीं।'
नेपाली
'यदि रामप्रतिको मेरो निष्ठा वा स्नेहमा मबाट अलिकति पनि चुक भएको छ र मैले समयको सीमा नाघेको छु भने मेरा भूल त्यसरी नै क्षमा गरियून् जसरी कसैले सेवकलाई क्षमा गर्छ। संसारमा कोही निर्दोष छैन।'