संस्कृत
न हि मम हरिराजसंश्रयात् क्षमतरमस्ति परत्र चेह वा। अभिमुखहतवीरसेवितं शयनमिदं मम सेवितुं क्षमम्4.21.16।।
अंग्रेज़ी
There is nothing more befitting for me than joining the king of monkeys either here or in the next world. It is proper for me to resort to this resting place (pyre) used by this slain hero in front of me. इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीय आदिकाव्ये किष्किन्धाकाण्डे एकविंशस्सर्गः।। Thus ends the twentyfirst sarga of Kishkindakanda of the Holy Ramayana, the first epic composed by sage Valmiki.
हिन्दी
मेरे लिए वानरराज के साथ यहाँ अथवा परलोक में मिल जाने से बढ़कर उचित और कुछ नहीं। मेरे सामने पड़े इस हत वीर की इस विश्रामशय्या (चिता) का आश्रय लेना ही मेरे लिए उचित है। इस प्रकार महर्षि वाल्मीकि रचित आदिकाव्य श्रीमद्रामायण के किष्किन्धाकाण्ड का एकविंश सर्ग समाप्त हुआ।
नेपाली
मेरा लागि वानरराजसँग यहाँ वा परलोकमा मिल्नुभन्दा उचित अरू केही छैन। मेरो अगाडि परेका यी हत वीरको यही विश्रामशय्या (चिता) को आश्रय लिनु नै मेरा लागि उचित छ। यसरी महर्षि वाल्मीकिद्वारा रचित आदिकाव्य श्रीमद्रामायणको किष्किन्धाकाण्डको एक्काइसौँ सर्ग समाप्त भयो।