ततः समीक्ष्य शयने सन्नं शोकेन पार्थिवम्। कौशल्या पुत्रशोकार्ता तमुवाच महीपतिम्।।2.43.1।।
Struck by the grief of her son's departure, Kausalya looked at the king who lay on the couch completely exhausted and said to him.
पुत्रवियोग के शोक से आहत कौसल्या ने शय्या पर पूर्णतः निःशक्त पड़े राजा की ओर देखा और उनसे कहा:
पुत्रवियोगको शोकले आहत कौसल्याले शय्यामा पूर्ण रूपले निःशक्त पल्टिरहनुभएका राजातर्फ हेरिन् र उहाँलाई भनिन्: