Chapter 39

Sarga 39

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rama vishvamitra
Verse 1
Sanskrit

विश्वामित्रवचश्श्रुत्वा कथाऽन्ते रघुनन्दन:। उवाच परमप्रीतो मुनिं दीप्तमिवानलम्।।1.39.1।।

English

Immensely pleased with the words of Viswamitra, to the ascetic flaming bright like fire, Rama spoke towards the end of the narration:

Hindi

विश्वामित्र के वचनों से अत्यन्त प्रसन्न होकर राम ने अग्नि के समान देदीप्यमान उन तपस्वी से कथा की समाप्ति पर कहा:

Nepali

विश्वामित्रका वचनबाट अत्यन्तै प्रसन्न भई रामले अग्निझैँ देदीप्यमान ती तपस्वीलाई कथाको अन्त्यमा भने:

Verse 2
Sanskrit

श्रोतुमिच्छामि भद्रं ते विस्तरेण कथामिमाम्। पूर्वको मे कथं ब्रह्मन् यज्ञं वै समुपाहरत्।।1.39.2।।

English

"O Brahman I wish to listen in detail as to how my ancestors made preparations for the sacrifice? Prosperity to you".

Hindi

"हे ब्रह्मन्! मैं विस्तार से सुनना चाहता हूँ कि मेरे पूर्वजों ने उस यज्ञ की तैयारी किस प्रकार की? आपका कल्याण हो।"

Nepali

"हे ब्रह्मन्! म विस्तारपूर्वक सुन्न चाहन्छु कि मेरा पूर्वजहरूले त्यस यज्ञको तयारी कसरी गरे? तपाईंको कल्याण होस्।"

rama vishvamitra
Verse 3
Sanskrit

विश्वामित्रस्तु काकुत्स्थमुवाच प्रहसन्निव। श्रूयतां विस्तरो राम सगरस्य महात्मन:।।1.39.3।।

English

Viswamitra addressing the son of the Kakusthas (Rama) with a smile said, "O Rama hear in detail the story of the magnanimous king Sagara".

Hindi

विश्वामित्र ने ककुत्स्थवंशी (राम) को मुस्कराते हुए सम्बोधित करके कहा, "हे राम! उदारचेता राजा सगर की कथा विस्तार से सुनो।"

Nepali

विश्वामित्रले ककुत्स्थवंशी (राम) लाई मुस्कुराउँदै सम्बोधन गरेर भने, "हे राम! उदारचेता राजा सगरको कथा विस्तारपूर्वक सुन।"

Verse 4
Sanskrit

शङ्करश्वशुरो नाम हिमवानचलोत्तम:। विंध्यपर्वतमासाद्य निरीक्षेते परस्परम्।।1.39.4।।

English

"Sankara's fatherinlaw named Himavan is the greatest mountain. Himavan and Vindhya came close and began looking at one another. (because both are of extreme height and in between them there was no obstruction).

Hindi

"शंकर के श्वशुर हिमवान् सबसे बड़े पर्वत हैं। हिमवान् और विन्ध्य निकट आकर एक-दूसरे को देखने लगे (क्योंकि दोनों अत्यन्त ऊँचे थे और उनके बीच कोई अवरोध न था)।

Nepali

"शङ्करका ससुरा हिमवान् सबभन्दा ठूला पर्वत हुन्। हिमवान् र विन्ध्य नजिकिएर एकअर्कालाई हेर्न थाले (किनकि दुवै अत्यन्तै अग्ला थिए र तिनका बीचमा कुनै अवरोध थिएन)।

Verse 5
Sanskrit

तयोर्मध्ये प्रवृत्तोऽभूद्यज्ञ स्सपुरुषोत्तम। स हि देशो नरव्याघ्र प्रशस्तो यज्ञकर्मणि।।1.39.5।।

English

"O best of men, the sacrifice took place in the region in between these two mountains. O tiger among men the region was appropriate for conducting sacrificial acts.

Hindi

हे नरश्रेष्ठ! इन दोनों पर्वतों के बीच के प्रदेश में वह यज्ञ हुआ। हे पुरुषों में व्याघ्र! वह प्रदेश यज्ञकर्म सम्पन्न करने के लिए उपयुक्त था।

Nepali

हे नरश्रेष्ठ! यी दुई पर्वतका बीचको प्रदेशमा त्यो यज्ञ भयो। हे पुरुषहरूमध्ये बाघ! त्यो प्रदेश यज्ञकर्म सम्पन्न गर्न उपयुक्त थियो।

rama
Verse 6
Sanskrit

तस्याश्वचर्यां काकुत्स्थ दृढधन्वा महारथ:। अंशुमानकरोत्तात सगरस्य मते स्थित:।।1.39.6।।

English

"O child, O son of the Kakutsthas, the great charioteer Anshuman (who can fight with eleven thousand charioteers), wielding a strong bow followed the sacrificial horse (in order to protect it) in compliance with Sagara's wish.

Hindi

हे वत्स! हे ककुत्स्थवंशी! सगर की इच्छा के अनुसार महारथी अंशुमान (जो ग्यारह हजार रथियों से युद्ध कर सकते थे) सुदृढ़ धनुष धारण करके यज्ञीय अश्व के पीछे-पीछे (उसकी रक्षा के लिए) चले।

Nepali

हे वत्स! हे ककुत्स्थवंशी! सगरको इच्छाअनुसार महारथी अंशुमान (जो एघार हजार रथीसँग युद्ध गर्न सक्थे) सुदृढ धनु धारण गरेर यज्ञीय अश्वको पछिपछि (त्यसको रक्षाका लागि) हिँडे।

Verse 7
Sanskrit

तस्य पर्वणि तं यज्ञं यजमानस्य वासव:। राक्षसीं तनुमास्थाय यज्ञीयाश्वमपाहरत्।।1.39.7।।

English

On the concluding day of the fortnight (full moon day) while the sacrifice was being performed, Vasava (Indra) assuming the form of rakshasa, had stolen away Sagara's sacrificial horse.

Hindi

जब यज्ञ चल रहा था, तब पक्ष के अन्तिम दिन (पूर्णिमा को) वासव (इन्द्र) ने राक्षस का रूप धारण करके सगर का यज्ञीय अश्व चुरा लिया।

Nepali

जब यज्ञ चलिरहेको थियो, तब पक्षको अन्तिम दिन (पूर्णिमामा) वासव (इन्द्र) ले राक्षसको रूप धारण गरेर सगरको यज्ञीय अश्व चोरे।

rama
Verse 8
Sanskrit

ह्रियमाणे तु काकुत्स्थ तस्मिन्नश्वे महात्मन:। उपाध्यायगणास्सर्वे यजमानमथाब्रुवन्।।1.39.8।।

English

O son of the Kakutsthas, when the magnanimous king Sagara's sacrificial horse was stolen away, all the high priests addressing the performer of the sacrifice said:

Hindi

हे ककुत्स्थवंशी! जब उदारचेता राजा सगर का यज्ञीय अश्व चुरा लिया गया, तब सब ऋत्विजों ने यजमान को सम्बोधित करके कहा:

Nepali

हे ककुत्स्थवंशी! जब उदारचेता राजा सगरको यज्ञीय अश्व चोरियो, तब सबै ऋत्विजले यजमानलाई सम्बोधन गर्दै भने:

rama
Verse 9
Sanskrit

अयं पर्वणि वेगेन यज्ञियाश्वोऽपनीयते। हर्तारं जहि काकुत्स्थ हयश्चैवोपनीयताम्।।1.39.9।।

English

'O Kakutstha on this auspicious (fullmoon) day the sacrificial horse has been stolen away suddenly and forcibly. Slay the thief and bring back the horse'.

Hindi

"हे ककुत्स्थ! इस मंगलमय (पूर्णिमा के) दिन यज्ञीय अश्व अकस्मात् और बलपूर्वक चुरा लिया गया है। चोर का वध कीजिए और अश्व वापस लाइए।

Nepali

"हे ककुत्स्थ! यस मङ्गलमय (पूर्णिमाको) दिन यज्ञीय अश्व अकस्मात् र बलपूर्वक चोरिएको छ। चोरको वध गर्नुहोस् र अश्व फिर्ता ल्याउनुहोस्।

Verse 10
Sanskrit

यज्ञच्छिद्रं भवत्येतत्सर्वेषामशिवाय न:। तत्तथा क्रियतां राजन् यथाऽच्छिद्र: क्रतुर्भवेत्।।1.39.10।।

English

'This flaw in sacrifice will be inauspicious for all of us. Hence O king do everything which will ensure flawlessness to this sacrifice'.

Hindi

यज्ञ का यह दोष हम सबके लिए अनिष्टकारी होगा। इसलिए हे राजन्! वह सब कीजिए जिससे इस यज्ञ की निर्दोषता सुनिश्चित हो।"

Nepali

यज्ञको यो दोष हामी सबैका लागि अनिष्टकारी हुनेछ। त्यसैले हे राजन्! त्यो सबै गर्नुहोस् जसबाट यस यज्ञको निर्दोषता सुनिश्चित होस्।"

Verse 11
Sanskrit

उपाध्यायवच श्श्रुत्वा तस्मिन् सदसि पार्थिव:। षष्टिं पुत्रसहस्राणि वाक्यमेतदुवाच ह।।1.39.11।।

English

Having heard the words of the officiating priests, the king (Sagara) addressed his sixty thousand sons in the sacrificial assembly, saying:

Hindi

ऋत्विजों के वचन सुनकर राजा (सगर) ने यज्ञसभा में अपने साठ हजार पुत्रों को सम्बोधित करते हुए कहा:

Nepali

ऋत्विजहरूका वचन सुनेर राजा (सगर) ले यज्ञसभामा आफ्ना साठी हजार पुत्रलाई सम्बोधन गर्दै भने:

Verse 12
Sanskrit

गतिं पुत्रा: न पश्यामि रक्षसां परुषर्षभा:। मन्त्रपूतैर्महाभागैरास्थितो हि महाक्रतु:।।1.39.12।।

English

'O Best among men, O sons I do not the hand of rakshasas in this as this great sacrifice is consecrated by mantras (to prevent any interruption) and is presided over by eminent priests.

Hindi

"हे नरश्रेष्ठ पुत्रो! मुझे इसमें राक्षसों का हाथ नहीं लगता, क्योंकि यह महायज्ञ मन्त्रों से अभिमन्त्रित है (जिससे कोई विघ्न न हो) और श्रेष्ठ ऋत्विजों के अधीन है।

Nepali

"हे नरश्रेष्ठ पुत्रहरू! मलाई यसमा राक्षसहरूको हात लागेको लाग्दैन, किनकि यो महायज्ञ मन्त्रले अभिमन्त्रित छ (जसबाट कुनै विघ्न नहोस्) र श्रेष्ठ ऋत्विजहरूको अधीनमा छ।

Verse 13
Sanskrit

तद्गच्छत विचिन्वध्वं पुत्रका: भद्रमस्तु व:। समुद्रमालिनीं सर्वां पृथिवीमनुगच्छत।।1.39.13।।

English

'Therefore my sons, go and search this entire earth surrounded by oceans. May you be safe'.

Hindi

इसलिए हे पुत्रो! जाओ और समुद्रों से घिरी इस समस्त पृथ्वी को खोजो। तुम्हारा कल्याण हो।

Nepali

त्यसैले हे पुत्रहरू! जाऊ र समुद्रले घेरिएको यो सम्पूर्ण पृथ्वी खोज। तिमीहरूको कल्याण होस्।

Verse 14
Sanskrit

एकैकयोजनं पुत्रा विस्तारमधिगच्छत। यावत्तुरगसन्दर्श: तावत् खनत मेदिनीम्। तं चैव हयहर्तारं मार्गमाणा ममाज्ञया।।1.39.14।।

English

'O sons, acquiring yojana by yojana the length and breadth of the earth, search for the thief of the horse. Excavate the earth till the time the horse is found. This is my command'.

Hindi

हे पुत्रो! पृथ्वी की लम्बाई और चौड़ाई में एक-एक योजन लेकर अश्व के चोर को खोजो। जब तक अश्व न मिल जाए, पृथ्वी को खोदते जाओ। यह मेरी आज्ञा है।

Nepali

हे पुत्रहरू! पृथ्वीको लम्बाइ र चौडाइमा एक-एक योजन लिएर अश्वको चोर खोज। जबसम्म अश्व भेटिँदैन, पृथ्वी खनिरहू। यो मेरो आज्ञा हो।

Verse 15
Sanskrit

दीक्षित: पौत्रसहितस्सोपाध्यायगणो ह्यहम्। इह स्थास्यामि भद्रं वो यावत्तुरगदर्शनम्।।1.39.15।।

English

'Having been initiated into the sacrifice, I, along with my grandson, Anshuman and other spiritual preceptors will stay here till such time the horse is found. May you be safe'

Hindi

यज्ञ की दीक्षा ले चुका मैं अपने पौत्र अंशुमान तथा अन्य गुरुजनों सहित तब तक यहीं रहूँगा जब तक अश्व न मिल जाए। तुम्हारा कल्याण हो।"

Nepali

यज्ञको दीक्षा लिइसकेको म आफ्ना नाति अंशुमान तथा अन्य गुरुजनसहित तबसम्म यहीँ बस्नेछु जबसम्म अश्व भेटिँदैन। तिमीहरूको कल्याण होस्।"

rama
Verse 16
Sanskrit

इत्युक्ता हृष्टमनसो राजपुत्रा महाबला:। जग्मुर्महीतलं राम पितुर्वचनयन्त्रिता:।।1.39.16।।

English

"O Rama thus commanded by Sagara, the highly powerful princes with cheeful hearts departed in obedience to their father's command in quest of the horse on earth.

Hindi

हे राम! सगर द्वारा इस प्रकार आज्ञा दिए जाने पर वे परम शक्तिशाली राजकुमार प्रसन्न हृदय से अपने पिता की आज्ञा का पालन करते हुए पृथ्वी पर अश्व की खोज में निकल पड़े।

Nepali

हे राम! सगरद्वारा यसरी आज्ञा दिइएपछि ती परम शक्तिशाली राजकुमारहरू प्रसन्न हृदयले आफ्ना पिताको आज्ञा पालन गर्दै पृथ्वीमा अश्वको खोजीमा निस्के।

Verse 17
Sanskrit

योजनायामविस्तारमेकैको धरणीतलम्। बिभिदु: परुषव्याघ्र वज्रस्पर्शसमैर्नखै:।।1.39.17।।

English

O Tiger among men each one of them occupying one yojana in length and breadth of ground, dug up the earth with their nails that were sharp as diamonds.

Hindi

हे पुरुषों में व्याघ्र! उनमें से प्रत्येक ने भूमि की लम्बाई और चौड़ाई में एक-एक योजन लेकर वज्र के समान तीक्ष्ण अपने नखों से पृथ्वी खोद डाली।

Nepali

हे पुरुषहरूमध्ये बाघ! तिनीहरूमध्ये प्रत्येकले भूमिको लम्बाइ र चौडाइमा एक-एक योजन लिएर वज्रझैँ तीक्ष्ण आफ्ना नङले पृथ्वी खने।

rama
Verse 18
Sanskrit

शूलैरशनिकल्पैश्च हलैश्चापि सुदारुणै:। भिद्यमाना वसुमती ननाद रघुनन्दन।।1.39.18।।

English

O Son of the Raghus (Rama) dreadful sounds emanated while the earth was being broken open by ploughs and lances similar to thunderbolt.

Hindi

हे रघुवंशी (राम)! हलों और वज्र के समान भालों से पृथ्वी को विदीर्ण किए जाते समय भयंकर शब्द उठे।

Nepali

हे रघुवंशी (राम)! हलो र वज्रझैँ भालाले पृथ्वी चिरिँदै गर्दा भयङ्कर ध्वनि उठे।

Verse 19
Sanskrit

नागानां मथ्यमानानामसुराणां च राघव । राक्षसानां च दुर्धर्षस्सत्त्वानां निनदोऽभवत्।।1.39.19।।

English

O descendant of Raghu when the earth was being churned, an irrepressible sound of serpents, demons and rakshasas --of all creatures emerged.

Hindi

हे रघुवंशी! जब पृथ्वी मथी जा रही थी, तब सर्पों, असुरों और राक्षसों का — समस्त प्राणियों का — असह्य आर्तनाद उठा।

Nepali

हे रघुवंशी! जब पृथ्वी मथिँदै थियो, तब सर्प, असुर र राक्षसहरूको — सम्पूर्ण प्राणीको — असह्य आर्तनाद उठ्यो।

Verse 20
Sanskrit

योजनानां सहस्राणि षष्टिं तु रघुनन्दन । बिभिदुर्धरणीं वीरा: रसातलमनुत्तमम्।।1.39.20।।

English

O Descendant of the Raghus the heroic sons of Sagara excavated sixty thousand yojanas of earth reaching the nether world (one of the several regions below the earth).

Hindi

हे रघुवंशी! सगर के उन वीर पुत्रों ने साठ हजार योजन पृथ्वी खोदकर रसातल (पृथ्वी के नीचे के अनेक लोकों में से एक) तक पहुँच गए।

Nepali

हे रघुवंशी! सगरका ती वीर पुत्रहरूले साठी हजार योजन पृथ्वी खनेर रसातल (पृथ्वीमुनिका अनेक लोकमध्ये एक) सम्म पुगे।

rama
Verse 21
Sanskrit

एवं पर्वतसम्बाधं जम्बूद्वीपं नृपात्मजा:। खनन्तो नरशार्दूल सर्वत: परिचक्रमु:।।1.39.21।।

English

O Foremost among men (Rama) the princes while thus excavating Jambu dweepa, in this way filled with mountains, moved around everywhere.

Hindi

हे नरश्रेष्ठ (राम)! इस प्रकार पर्वतों से भरे जम्बूद्वीप को खोदते हुए वे राजकुमार सर्वत्र घूमते रहे।

Nepali

हे नरश्रेष्ठ (राम)! यसरी पर्वतले भरिएको जम्बूद्वीप खन्दै ती राजकुमारहरू सर्वत्र घुमे।

Verse 22
Sanskrit

ततो देवास्सगन्धर्वास्सासुरास्सहपन्नगा:। सम्भ्रान्तमनसस्सर्वे पितामहमुपागमन्।।1.39.22।।

English

Then the gods together with the gandharvas, asuras and serpents in bewildered minds approached Lord Brahma.

Hindi

तब देवताओं ने गन्धर्वों, असुरों और सर्पों सहित विचलित मन से भगवान ब्रह्मा के पास जाकर प्रार्थना की।

Nepali

तब देवताहरूले गन्धर्व, असुर र सर्पहरूसहित विचलित मनले भगवान ब्रह्माकहाँ गएर प्रार्थना गरे।

Verse 23
Sanskrit

ते प्रसाद्य महात्मानं विषण्णवदनास्तदा। ऊचु: परमसन्त्रस्ता पितामहमिदं वच:।।1.39.23।।

English

With highly agitated minds and meloncholic faces, all of them approached magnanimous Brahma and having propitiated him said:

Hindi

अत्यन्त व्याकुल मन और विषादपूर्ण मुख लिए उन सबने उदारचेता ब्रह्मा के पास जाकर उन्हें प्रसन्न करके कहा:

Nepali

अत्यन्तै व्याकुल मन र विषादपूर्ण मुख लिएर तिनीहरू सबैले उदारचेता ब्रह्माकहाँ गएर उहाँलाई प्रसन्न पारी भने:

Verse 24
Sanskrit

भगवन् पृथिवी सर्वा खन्यते सगरात्मजै:। बहवश्च महात्मानो हन्यन्ते तलवासिन:।।1.39.24।।

English

O Venerable one the entire earth is being excavated by the sons of Sagara. Many great beings living in the lower worlds are being killed.

Hindi

"हे पूज्य! सगर के पुत्रों द्वारा समस्त पृथ्वी खोदी जा रही है। नीचे के लोकों में रहने वाले अनेक महान प्राणी मारे जा रहे हैं।

Nepali

"हे पूज्य! सगरका पुत्रहरूद्वारा सम्पूर्ण पृथ्वी खनिँदै छ। तलका लोकमा बस्ने अनेक महान् प्राणी मारिँदै छन्।

valmiki
Verse 25
Sanskrit

अयं यज्ञहरोऽस्माकमनेनाश्वोऽपनीयते। इति ते सर्वभूतानि निघ्नन्ति सगरात्मजा:।।1.39.25।।

English

'This one is the destroyer of our sacrifice. He has stolen away our horse' saying so the sons of Sagara are slaying all living beings". इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीय आदिकाव्ये बालकाण्डे एकोनचत्वारिंशस्सर्ग: ।। Thus ends the thirtyninth sarga of Balakanda of the holy Ramayana the first epic composed by sage Valmiki.

Hindi

'यही हमारे यज्ञ का विनाशक है, इसी ने हमारा अश्व चुराया है' — ऐसा कहते हुए सगर के पुत्र समस्त प्राणियों का वध कर रहे हैं।" इस प्रकार महर्षि वाल्मीकि रचित आदिकाव्य श्रीमद्रामायण के बालकाण्ड का एकोनचत्वारिंश सर्ग समाप्त हुआ।

Nepali

'यही हाम्रो यज्ञको विनाशक हो, यसैले हाम्रो अश्व चोरेको हो' — यसो भन्दै सगरका पुत्रहरूले सम्पूर्ण प्राणीको वध गरिरहेका छन्।" यसरी महर्षि वाल्मीकिद्वारा रचित आदिकाव्य श्रीमद्रामायणको बालकाण्डको उनन्चालीसौँ सर्ग समाप्त भयो।