मार्कण्डेय उवाच ततो ब्रह्मर्षयः सर्वे सिद्धा देवर्षयस्तथा। हव्यवाहं पुरस्कृत्य ब्रह्माणं शरणं गताः॥
Markandeya said : Thereupon the Brahmarshis, the Siddhas, the celestials, saints, with Havyavaha as their spokesman, sought the protection of Brahma.
मार्कण्डेय ने कहा — तत्पश्चात् ब्रह्मर्षि, सिद्ध, देवता तथा साधुजन हव्यवाह (अग्नि) को अपना प्रवक्ता बनाकर ब्रह्मा की शरण में गए।
मार्कण्डेयले भने — त्यसपछि ब्रह्मर्षि, सिद्ध, देवता तथा साधुजनहरू हव्यवाह (अग्नि) लाई आफ्नो प्रवक्ता बनाएर ब्रह्माको शरणमा गए।