Chapter 114

Sambhava Parva — marriage of Vidura,

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dhritarashtra bhishma satyavati
Verse 1
Sanskrit

वैशम्पायन उवाच धृतराष्ट्राभ्यनुज्ञातः स्वबाहुविजितं धनम्। भीष्माय सत्यवत्यै च मात्रे चोपजहार सः॥

English

Vaishampayana said : He (Pandu), at the command of Dhritarashtra, offered the wealth acquired by the prowess of his arms of Bhishma, to Satyavati and to their mother (Kausalya).

Hindi

वैशम्पायन ने कहा — उन्होंने (पाण्डु ने) धृतराष्ट्र की आज्ञा से अपने बाहुबल से अर्जित धन भीष्म को, सत्यवती को और अपनी माता (कौसल्या) को अर्पित किया।

Nepali

वैशम्पायनले भने — उनले (पाण्डुले) धृतराष्ट्रको आज्ञाले आफ्नो बाहुबलले आर्जन गरेको धन भीष्मलाई, सत्यवतीलाई र आफ्नी माता (कौसल्या) लाई अर्पण गरे।

vidura
Verse 2
Sanskrit

विदुराय च वै पाण्डुः प्रेषयामास तद् धनम्। सुहृदश्चापि धर्मात्मा धनेन समतर्पयत्॥

English

Pandu sent a portion of the wealth to Vidura. The virtuous minded man (Pandu) gratified his friends and relatives with (the presents of) wealth.

Hindi

पाण्डु ने उस धन का एक भाग विदुर को भेजा। उन धर्मात्मा पुरुष (पाण्डु) ने अपने मित्रों और सम्बन्धियों को भी धन की (भेंटों से) सन्तुष्ट किया।

Nepali

पाण्डुले त्यस धनको एक भाग विदुरलाई पठाए। ती धर्मात्मा पुरुष (पाण्डु) ले आफ्ना मित्र र आफन्तहरूलाई पनि धनका (भेटीले) सन्तुष्ट पारे।

bhishma satyavati
Verse 3
Sanskrit

ततः सत्यवती भीष्मं कौसल्यां च यशस्विनीम्। शुभैः पाण्डुजितैरथै स्तोषयामास भारत॥

English

The descendant of Bharata, (Pandu) gratified Satyavati, Bhishma and the illustrious and amiable princess of Kausalya with the wealth, acquired by his prowess of arms.

Hindi

भरतवंशी (पाण्डु) ने अपने बाहुबल से अर्जित उस धन से सत्यवती, भीष्म और यशस्विनी तथा सौम्य कौसल्या की राजकुमारी को सन्तुष्ट किया।

Nepali

भरतवंशी (पाण्डु) ले आफ्नो बाहुबलले आर्जन गरेको त्यस धनले सत्यवती, भीष्म र यशस्विनी तथा सौम्य कौसल्याकी राजकुमारीलाई सन्तुष्ट पारे।

Verse 4
Sanskrit

ननन्द माता कौसल्या तमप्रतिमतेजसम्। जयन्तमिव पौलोमी परिष्वज्य नरर्षभम्॥

English

Kausalya, in embracing her son of matchless prowess became as glad as Sachi on embracing Jayanta (her son).

Hindi

अनुपम पराक्रम वाले अपने पुत्र को अंक में भरकर कौसल्या उतनी ही प्रसन्न हुईं जितनी जयन्त (अपने पुत्र) को अंक में भरकर शची होती हैं।

Nepali

अनुपम पराक्रम भएका आफ्ना पुत्रलाई अङ्गालो हाल्दा कौसल्या त्यति नै प्रसन्न भइन् जति जयन्त (आफ्ना पुत्र) लाई अङ्गालो हाल्दा शची हुन्छिन्।

dhritarashtra
Verse 5
Sanskrit

तस्य वीरस्य विक्रान्तैः सहस्रशतदक्षिणैः। अश्वमैधशतैरीजे धृतराष्ट्रो महामखैः॥

English

Dhritarashtra performed with the wealth acquired by that hero five great sacrifices, in which offerings were made to the Brahmanas by hundreds and thousands and in which so much wealth was spent as would have been sufficient for one hundred Horse sacrifices.

Hindi

धृतराष्ट्र ने उस वीर द्वारा अर्जित उस धन से पाँच महान् यज्ञ किए, जिनमें ब्राह्मणों को सैकड़ों-सहस्रों दक्षिणाएँ दी गईं और जिनमें इतना धन व्यय हुआ जो एक सौ अश्वमेध यज्ञों के लिए पर्याप्त होता।

Nepali

धृतराष्ट्रले ती वीरले आर्जन गरेको त्यस धनले पाँच महान् यज्ञ गरे, जसमा ब्राह्मणहरूलाई सयौँ-हजारौँ दक्षिणा दिइयो र जसमा यति धन खर्च भयो जो एक सय अश्वमेध यज्ञका लागि पर्याप्त हुन्थ्यो।

kunti
Verse 6
Sanskrit

सम्प्रयुक्तस्तु कुन्त्या च माद्र्या च भरतर्षभ। जिततन्द्रीस्तदा पाण्डुर्बभूव वनगोचरः॥

English

O best of the Bharata race, some time after, Pandu, who had mastered over his senses, retired into a forest with (his wives) Kunti and Madri.

Hindi

हे भरतवंश में श्रेष्ठ, कुछ काल पश्चात् जितेन्द्रिय पाण्डु (अपनी पत्नियों) कुन्ती और माद्री सहित वन को चले गए।

Nepali

हे भरतवंशमा श्रेष्ठ, केही समयपछि जितेन्द्रिय पाण्डु (आफ्ना पत्नी) कुन्ती र माद्रीसहित वनतिर गए।

Verse 7
Sanskrit

हित्वा प्रासादनिलयं शुभानि शयनानि च। अरण्यनित्यः सततं बभूव मृगयापरः॥

English

He left his excellent palace and its luxurious bed. He lived always in the forest, being ever engaged in hunting.

Hindi

उन्होंने अपना उत्तम प्रासाद और उसकी विलासपूर्ण शय्या त्याग दी। वे सदा वन में ही रहते और निरन्तर आखेट में लगे रहते।

Nepali

उनले आफ्नो उत्तम प्रासाद र त्यसको विलासपूर्ण शय्या त्यागे। उनी सदा वनमै बस्थे र निरन्तर सिकारमा लागिरहन्थे।

Verse 8
Sanskrit

स चरन् दक्षिणं पार्श्व रम्यं हिमवतो गिरेः। उवास गिरिपृष्ठेषु महाशालवनेषु च॥

English

He lived in a delightful and hilly region over grown with huge Shala trees on the southern slope of the Himalayas where he roamed freely.

Hindi

वे हिमालय के दक्षिणी ढलान पर विशाल शाल वृक्षों से आच्छादित एक रमणीय पर्वतीय प्रदेश में रहे, जहाँ वे स्वच्छन्द विचरण करते थे।

Nepali

उनी हिमालयको दक्षिणी भिरालोमा विशाल शाल वृक्षले आच्छादित एक रमणीय पर्वतीय प्रदेशमा बसे, जहाँ उनी स्वच्छन्द विचरण गर्थे।

kunti
Verse 9
Sanskrit

रराज कुन्त्या मात्र्या च पाण्डुः सह वने चरन्। करेण्वोरिव मध्यस्थः श्रीमान् पौरंदरो गजः॥

English

The handsome Pandu roamed in the forest with Kunti and Madri like Airavata with two female elephants.

Hindi

सुन्दर पाण्डु कुन्ती और माद्री के साथ वन में इस प्रकार विचरते थे जैसे दो हथिनियों के साथ ऐरावत।

Nepali

सुन्दर पाण्डु कुन्ती र माद्रीसँग वनमा यसरी विचरण गर्थे जसरी दुई हात्तिनीसँग ऐरावत।

dhritarashtra
Verse 10
Sanskrit

भारतं सह भार्याभ्यां खड्गबाणधनुर्धरम्। विचित्रकवचं वीरं परमास्त्रविदं नृपम्। देवोऽयमित्यमन्यन्त चरन्तं वनवासिनः॥ तस्य कामांश्च भोगांश्च नरा नित्यमतन्द्रिताः। उपाजहुर्वनान्तेषु धृतराष्ट्रेण चोदिताः॥

English

The dwellers of (that) forest regarded the heroic Bharata prince with his two wives, (Pandu), armed with swords, arrows and bows and encased in beautiful armour, as a god wandering amongst them. The people were busy in supplying every object of pleasure and enjoyment to him in his retirement at the command of Dhritarashtra.

Hindi

खड्ग, बाण और धनुष धारण किए तथा सुन्दर कवच पहने अपनी दोनों पत्नियों सहित उन वीर भरतवंशी राजकुमार (पाण्डु) को (उस) वन के निवासी अपने बीच विचरते देवता के समान मानते थे। धृतराष्ट्र की आज्ञा से लोग उनके इस एकान्तवास में उन्हें सुख और भोग की प्रत्येक वस्तु पहुँचाने में लगे रहते थे।

Nepali

खड्ग, बाण र धनुष धारण गरेका तथा सुन्दर कवच लगाएका आफ्ना दुवै पत्नीसहित ती वीर भरतवंशी राजकुमार (पाण्डु) लाई (त्यस) वनका निवासीहरूले आफ्ना बीचमा विचरण गर्ने देवताजस्तै मान्थे। धृतराष्ट्रको आज्ञाले मानिसहरू उनको यस एकान्तवासमा उनलाई सुख र भोगका प्रत्येक वस्तु पुर्‍याउनमा लागिरहन्थे।

bhishma
Verse 11
Sanskrit

अथ पारशवीं कन्यां देवकस्य महीपतेः। रूपयौवनसम्पन्नां स शुश्रावायगासुतः॥

English

The son of the river (Bhishma) heard that king Devaka had a daughter, young and beautiful, born in a Shudra wife.

Hindi

नदीपुत्र (भीष्म) ने सुना कि राजा देवक की एक पुत्री है, तरुणी और सुन्दरी, जो एक शूद्रा पत्नी से उत्पन्न हुई है।

Nepali

नदीपुत्र (भीष्म) ले सुने कि राजा देवककी एक पुत्री छिन्, तरुणी र सुन्दरी, जो एक शूद्रा पत्नीबाट जन्मेकी हुन्।

vidura bhishma
Verse 12
Sanskrit

ततस्तु वरयित्वा तामानीय भरतर्षभः। विवाहं कारयामास विदुरस्य महामतेः॥

English

The best of the Bharata race (Bhishma) brought her from her father's abode and he married her to the high minded Vidura.

Hindi

भरतवंश में श्रेष्ठ (भीष्म) उसे उसके पिता के घर से ले आए और उन्होंने उसका विवाह उदारचेता विदुर से करा दिया।

Nepali

भरतवंशमा श्रेष्ठ (भीष्म) ले उनलाई उनका पिताको घरबाट ल्याए र उनले उनको विवाह उदारचेता विदुरसँग गराइदिए।

vidura
Verse 13
Sanskrit

तस्यां चोत्पादयामास विदुरः कुरुनन्दनः। पुत्रान् विनयसम्पन्नानात्मनः सदृशान् गुणैः॥

English

The descendant of Kuru, Vidura, begot on her children as gentle and accomplished as he himself was.

Hindi

कुरुवंशी विदुर ने उससे ऐसे पुत्र उत्पन्न किए जो स्वयं उन्हीं के समान सौम्य और गुणसम्पन्न थे।

Nepali

कुरुवंशी विदुरले उनीबाट यस्ता पुत्र उत्पन्न गरे जो स्वयं उनैजस्तै सौम्य र गुणसम्पन्न थिए।